राजस्थान झुंझुनूं में रेस्टोरेंट संचालक की संदिग्ध मौत, पत्नी ने जताई हत्या की आशंका, ढाई महीने से न्याय के लिए भटक रही मायाकौर पति की मौत को हादसा मानने पर उठाए सवाल, घटनास्थल पर कांच के टुकड़े, शरीर पर कई गंभीर चोटें और तीन अज्ञात व्यक्तियों की मौजूदगी का किया दावा। एसपी से तीन बार मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप, चिड़ावा पुलिस पर सुनवाई नहीं करने की शिकायत।

राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक रेस्टोरेंट संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला सामने आया है। बुहाना तहसील के हीरवा गांव निवासी मायाकौर अपने पति नरसी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही हैं। उनका आरोप है कि पति की मौत को सड़क हादसा बताया गया, लेकिन घटनास्थल के फोटो और वीडियो तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों को देखकर उन्हें घटना के पीछे किसी साजिश की आशंका है। पीड़िता का कहना है कि वह करीब ढाई महीने से न्याय की गुहार लगा रही हैं। पुलिस अधीक्षक से तीन बार मिलने और शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उन्हें अब तक संतोषजनक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है।
14 अगस्त की रात घर से निकले थे नरसी मायाकौर के अनुसार, उनके पति नरसी चिड़ावा फाटक के पास रेस्टोरेंट चलाते थे। 14 अगस्त 2026 की रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर भोजन करने के बाद वह रेस्टोरेंट जाने की बात कहकर घर से निकले थे। इससे पहले उनके मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। फोन आने के बाद उन्होंने मोटरसाइकिल की चाबी मांगी और लगभग दो घंटे में लौटने की बात कही।
पत्नी का कहना है कि उन्होंने फोन करने वाले व्यक्ति के बारे में पूछा, लेकिन पति ने कोई जानकारी नहीं दी। नरसी जब भी रेस्टोरेंट पहुंचते थे तो पत्नी को फोन करते थे, मगर उस रात उनका कोई फोन नहीं आया। चिंता होने पर मायाकौर ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल बंद मिला। उनके मुताबिक, मोबाइल पर रात करीब 1 बजकर 16 मिनट तक व्हाट्सएप का लास्ट सीन दिखाई दे रहा था।
15 अगस्त को मिली मौत की सूचना मायाकौर के मुताबिक, 15 अगस्त 2026 को उन्हें सूचना मिली कि उनके पति की मोटरसाइकिल सांड से टकरा गई और उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर उनका बेटा राजकीय अस्पताल चिड़ावा पहुंचा, जहां पोस्टमार्टम किया गया। पति की अचानक मौत से परिवार सदमे में था। इसी वजह से उस समय वह घटना के सभी पहलुओं को समझ नहीं सकीं और विस्तार से शिकायत नहीं कर पाईं।
अंतिम संस्कार के दौरान गर्दन पर चोट देखकर हुआ संदेह पीड़िता का कहना है कि अंतिम संस्कार के समय उन्हें पति की गर्दन असामान्य रूप से प्रभावित दिखाई दी थी। उस समय गहरे सदमे में होने के कारण वह कुछ समझ नहीं सकीं। बाद में सातवें दिन के संस्कार के बाद कुछ परिचितों ने उन्हें घटनास्थल के फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए। इन तस्वीरों और वीडियो को देखने के बाद उन्हें घटना को लेकर कई सवाल उठने लगे।
घटनास्थल पर कांच के टुकड़े और तीन अज्ञात व्यक्ति मायाकौर का दावा है कि घटनास्थल के फोटो और वीडियो में काफी मात्रा में कांच के टुकड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्हें संदेह है कि हादसे में किसी अन्य वाहन की भूमिका भी हो सकती है। हालांकि, कांच किस वाहन का था और वह वहां किन परिस्थितियों में बिखरा, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
पीड़िता ने यह भी सवाल उठाया कि उनके पति का मोबाइल आमतौर पर शर्ट की ऊपरी जेब में रहता था, लेकिन घटना के बाद वह पैंट की जेब में मिला। उनके अनुसार, मोबाइल की टूट-फूट भी संदिग्ध प्रतीत होती है। उन्होंने तस्वीरों में तीन अज्ञात व्यक्तियों के दिखाई देने की बात कहते हुए उनकी पहचान और घटनास्थल पर मौजूदगी की जांच कराने की मांग की है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सात चोटों का उल्लेख मामले में उपलब्ध पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नरसी के शरीर पर सात चोटें दर्ज की गई थीं। इनमें सिर के बाईं ओर लगभग 5 गुणा 5 सेंटीमीटर का हेमेटोमा, दाहिने हाथ और दाहिने अग्रबाहु में फ्रैक्चर, दाहिने घुटने पर चोट, गर्दन के निचले दाहिने हिस्से में चोट, बाएं पैर पर चोट और छाती के दोनों ओर सूजन का उल्लेख है।
रिपोर्ट में मृत्यु का कारण शॉक और पॉलीट्रॉमा यानी कई प्रकार की गंभीर चोटों के संयुक्त प्रभाव को बताया गया है। रिपोर्ट में चोटों को एंटीमॉर्टम अर्थात मृत्यु से पहले लगी चोटें दर्ज किया गया है। हालांकि, केवल चोटों के विवरण के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मौत हत्या के कारण हुई या दुर्घटना के कारण। इसके लिए घटनास्थल के साक्ष्य, मेडिकल निष्कर्ष और पुलिस जांच महत्वपूर्ण होंगे।
पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी, पत्नी का दावा मायाकौर ने अपनी शिकायत में एक और गंभीर बात कही है। उनके मुताबिक, 1 अगस्त 2026 को उनके पति ने बताया था कि अलडावता के दो व्यक्ति रेस्टोरेंट पर आए थे। आरोप है कि उन लोगों ने नरसी को थप्पड़ मारा और जान से मारने की धमकी देते हुए कहा था कि उसे देख लेंगे।
पीड़िता को आशंका है कि पहले हुई कथित घटना और पति की बाद में हुई मौत के बीच कोई संबंध हो सकता है। उन्होंने इस पहलू की भी जांच कराने की मांग की है। हालांकि, धमकी देने और मौत में किसी की संलिप्तता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
एसपी से तीन बार मिलने का दावा, चिड़ावा पुलिस पर लापरवाही का आरोप मायाकौर का कहना है कि उन्होंने पुलिस थाना चिड़ावा में रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस अधीक्षक से भी तीन बार मुलाकात की। उनके मुताबिक, एसपी स्तर से फोन किए जाने के बावजूद चिड़ावा थाने में उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि पुलिस को घटना से जुड़ी सभी बातें पता हैं, फिर भी उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।
पीड़िता का कहना है कि पति की मौत के बाद परिवार मानसिक और सामाजिक परेशानी से गुजर रहा है। वह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर होती दिखाई दे रही है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग मायाकौर ने पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उनके पति नरसी की मौत की निष्पक्ष जांच कराई जाए। घटनास्थल के फोटो और वीडियो की जांच हो, मोबाइल की स्थिति और कॉल डिटेल की कानूनी प्रक्रिया के तहत पड़ताल की जाए, मौके पर दिखाई देने वाले अज्ञात व्यक्तियों की पहचान की जाए तथा कथित धमकी के मामले की भी जांच हो।
पीड़िता चाहती हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। यदि जांच में किसी आपराधिक साजिश या हत्या के साक्ष्य सामने आते हैं तो नियमानुसार मामला दर्ज कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मायाकौर की गुहार है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से सुना जाए और उन्हें निष्पक्ष जांच के जरिए न्याय दिलाया जाए। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर मौत को हत्या करार देना उचित नहीं होगा। मामले में पुलिस का पक्ष और जांच की वर्तमान स्थिति सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

