पिता को ठंडे पानी से नहलाकर जान लेने का भी लगाया गंभीर आरोप, जमीन का हिस्सा मांगने पर छोटे भाइयों को मिल रही जान से मारने की धमकी; प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
फतेहपुर।जिले के थाना खतखेडू क्षेत्र के ग्राम अंजना कबीर, पोस्ट आलमपुर जरिया में पैतृक कृषि भूमि को लेकर तीन भाइयों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। भारतलाल विश्वकर्मा और ओमप्रकाश विश्वकर्मा ने अपने बड़े भाई शिवकुमार विश्वकर्मा पर पिता की संपत्ति धोखाधड़ी से अपने नाम कराने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, तीनों भाइयों के पिता स्वर्गीय दुर्गा प्रसाद विश्वकर्मा का निधन 12 दिसंबर 2025 को हुआ था। उनके तीन बेटे शिवकुमार विश्वकर्मा, ओमप्रकाश विश्वकर्मा और भारतलाल विश्वकर्मा हैं। पिता की मृत्यु के बाद पैतृक संपत्ति के बंटवारे और अपने हिस्से को लेकर विवाद शुरू हो गया।
भारतलाल विश्वकर्मा का आरोप है कि बड़े भाई शिवकुमार विश्वकर्मा ने पिता के जीवित रहते कथित रूप से धोखाधड़ी कर 400बी की प्रक्रिया के माध्यम से कृषि भूमि अपने नाम करा ली। पीड़ित का कहना है कि उनके पिता सामान्य तौर पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते थे, लेकिन जमीन से संबंधित कागजात में उनके हस्ताक्षर के बजाय अंगूठा लगवाया गया। आरोप है कि पिता को गुमराह कर इस तरह जमीन अपने नाम दर्ज कराई गई।
मामले में पीड़ित पक्ष ने पिता की मौत से जुड़ा एक और बेहद गंभीर आरोप लगाया है। भारतलाल और ओमप्रकाश का आरोप है कि बड़े भाई शिवकुमार ने सर्दी के मौसम में उनके पिता दुर्गा प्रसाद विश्वकर्मा को ठंडे पानी से नहलाया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। पीड़ितों ने इस घटना को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद वसीयत और जमीन से संबंधित दस्तावेज अपने नाम होने की बात सामने आई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच होना बाकी है।
पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने बड़े भाई से वसीयत और जमीन अपने नाम कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगी तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकियों का सामना करना पड़ा। आरोप है कि शिवकुमार उनसे कहता है कि तुम लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे और ज्यादा विरोध करने पर जान से मरवा देने की धमकी देता है। इससे दोनों भाइयों में भय का माहौल बना हुआ है।
भारतलाल विश्वकर्मा ने दस्तावेज तैयार कराने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जमीन से संबंधित कागजात बनवाते समय ग्राम सभा का कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था और वहां कुछ अनजान लोग मौजूद थे। पीड़ित पक्ष का दावा है कि दस्तावेजों में जिन लोगों की मौजूदगी दिखाई गई है, उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
पीड़ितों का कहना है कि वे अपने पिता की संपत्ति में कानूनी रूप से मिलने वाले हिस्से की मांग कर रहे हैं, लेकिन बड़े भाई की ओर से कथित तौर पर उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वसीयत और 400बी से संबंधित दस्तावेजों की सत्यता की जांच कराई जाए। पिता के हस्ताक्षर और अंगूठे से जुड़े तथ्यों का परीक्षण कराया जाए तथा जमीन अपने नाम कराने की पूरी प्रक्रिया की जांच हो।
इसके साथ ही पिता की मृत्यु से जुड़े लगाए गए गंभीर आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने और धमकी देने के मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पारिवारिक जमीन विवाद और पिता की मौत को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों पर कब संज्ञान लेता है और पीड़ित भाइयों को कब न्याय मिल पाता है।

