बेटे के साथ सामान्य जिंदगी जीना चाहती हैं सुनीता, घर से बाहर निकलते ही वाहनों के पीछा करने और डराने का आरोप; निष्पक्ष जांच के लिए अधिकारियों से लगाई गुहार

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सुनीता ने अपने और अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव और असुरक्षा की स्थिति में जीवन बिता रही हैं। घर से बाहर निकलने पर बाइक और अन्य वाहनों के तेज गति से उनके बेहद करीब से गुजरने, रास्ता काटने, अचानक सामने आने और अलग-अलग स्थानों पर बार-बार दिखाई देने जैसी घटनाओं से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुनीता का आरोप है कि इन घटनाओं के कारण वह अपने बेटे के साथ सामान्य रूप से घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस करती हैं।

सुनीता ने स्पष्ट किया कि उनकी शिकायत को घर में घुसकर मारपीट या छेड़छाड़ की घटना के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। उनकी मुख्य शिकायत वाहनों की आवाजाही और रास्ते में कथित तौर पर परेशान किए जाने से संबंधित है। उनका कहना है कि जब भी वह अपने बेटे के साथ बाहर निकलती हैं, तब कुछ वाहन उनके आसपास दिखाई देते हैं। कभी तेज गति से बिल्कुल पास से निकलते हैं तो कभी रास्ता काटकर अचानक सामने आ जाते हैं। महिला के अनुसार, इन घटनाओं से उनके मन में भय बना रहता है। उन्होंने इन घटनाओं से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्डिंग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

10 अगस्त की दुर्घटना का भी किया उल्लेख

सुनीता ने 10 अगस्त को हुई एक दुर्घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उस दिन उनका स्कूटर गिर गया था, जिससे उन्हें और उनके बेटे को चोटें आई थीं। इस घटना में मारुति 800 वाहन का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, दुर्घटना जानबूझकर कराई गई थी या यह महज एक हादसा था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।

पति और उनके भाइयों की भूमिका पर भी जांच की मांग

महिला ने अपने पति और उनके दोनों भाइयों की भूमिका को लेकर भी आशंका जताई है। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में किसी को दोषी साबित करने के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कराने की मांग की है। सुनीता का कहना है कि उनके वैवाहिक विवाद से जुड़ी परिस्थितियों और बाहर निकलने के दौरान होने वाली घटनाओं को अलग-अलग न देखकर पूरे मामले को एक साथ समझा जाना चाहिए। उनका कहना है कि पुलिस सभी पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष तरीके से जांच करे और बिना प्रमाण किसी के खिलाफ कार्रवाई न हो।

इटारसी थाने में शिकायत सहित पुराने मामलों की जांच की मांग

सुनीता ने बताया कि उन्होंने पहले भी अपनी परेशानियों को लेकर शिकायतें की हैं। वह चाहती हैं कि इटारसी थाने में दी गई शिकायत सहित उनके द्वारा अलग-अलग अधिकारियों और विभागों को दिए गए आवेदनों का रिकॉर्ड देखा जाए। पूर्व में की गई शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी भी उन्हें दी जाए। उनका कहना है कि केवल आवेदन लेकर मामला समाप्त न किया जाए, बल्कि शिकायतों में बताए गए तथ्यों की जांच कर उचित समाधान निकाला जाए।

वैवाहिक विवाद और आर्थिक आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग

सुनीता ने अपने वैवाहिक जीवन से जुड़े कुछ गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इनमें गर्भपात के लिए दबाव बनाने, 40 हजार रुपये और पांच लाख रुपये से संबंधित आर्थिक मामलों तथा वकीलों को पैसे दिए जाने जैसी बातें शामिल हैं। महिला चाहती हैं कि इन सभी आरोपों की अलग-अलग तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच की जाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। इसलिए महिला ने संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

बच्चे की पढ़ाई और भविष्य को लेकर चिंतित हैं सुनीता

सुनीता का कहना है कि इस पूरे विवाद का असर उनके बेटे की दिनचर्या और भविष्य पर भी पड़ रहा है। वह चाहती हैं कि उनका बेटा नियमित रूप से स्कूल जा सके, पार्क में दूसरे बच्चों के साथ खेल सके और अपनी मां के साथ बिना किसी डर के बाहर निकल सके। उन्होंने बच्चे की पढ़ाई, सुरक्षा, देखभाल और कस्टडी से जुड़े मामलों में उचित कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही आवास संबंधी अधिकारों को लेकर भी प्रशासन से स्पष्ट जानकारी और सहायता चाहती हैं।

मानसिक रूप से अस्वस्थ बताकर शिकायतों को खारिज न करने की अपील

महिला ने यह भी आग्रह किया है कि उनकी बातों को बिना जांच के नजरअंदाज न किया जाए। उनका कहना है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच की जाए। यदि किसी घटना की रिकॉर्डिंग या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं तो उनकी भी पड़ताल की जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।

वरिष्ठ अधिकारियों से एक साथ सभी शिकायतों की जांच कराने की मांग

सुनीता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि उनकी सभी शिकायतों को एक साथ लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। घर से बाहर निकलने पर वाहनों के आगे-पीछे चलने, तेज गति से करीब से गुजरने, रास्ता काटने और अलग-अलग स्थानों पर सामने आने की घटनाओं की उपलब्ध रिकॉर्डिंग की जांच हो। इसके अलावा वैवाहिक विवाद, बच्चे की कस्टडी और आवास संबंधी अधिकारों पर भी उचित मार्गदर्शन दिया जाए।

सुनीता का कहना है कि वह किसी के खिलाफ बिना प्रमाण कार्रवाई नहीं चाहतीं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, सच्चाई सामने आए और उन्हें तथा उनके बेटे को सुरक्षित माहौल मिले। वह अपने बच्चे के साथ सम्मानपूर्वक सामान्य जीवन जीना चाहती हैं, जहां उनका बेटा बिना डर के स्कूल जा सके, पार्क में खेल सके और मां के साथ सामान्य दिनचर्या बिता सके।

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