बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवक ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। युवक का कहना है कि कंपनी में नौकरी के दौरान उसने अपने मूल शैक्षणिक दस्तावेज एचआर विभाग में जमा कराए थे, लेकिन नौकरी से निकाले जाने के बाद भी उसे ये दस्तावेज वापस नहीं किए जा रहे हैं। दस्तावेज नहीं मिलने के कारण अब उसके सामने दूसरी जगह नौकरी पाने का संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, कानपुर नगर निवासी श्यामू प्रजापति पुत्र राकेश प्रजापति बाराबंकी में रहकर ग्राम छटेना, थाना माती क्षेत्र में स्थित जुन्डेक्स प्राइवेट कंपनी में काम करता था। युवक का आरोप है कि उसने 3 अक्टूबर 2026 को कंपनी के एचआर अधिकारी जगदीश को अपने शैक्षणिक दस्तावेज जमा कराए थे। इसके बाद कंपनी की ओर से उसे नौकरी से निकाल दिया गया।
श्यामू प्रजापति का आरोप है कि नौकरी से हटाए जाने के बाद जब उसने अपने दस्तावेज वापस मांगे तो उन्हें लौटाने में आनाकानी की जा रही है। युवक का कहना है कि उसके मूल दस्तावेज कंपनी के पास होने के कारण वह दूसरी जगह नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पा रहा है। दस्तावेजों के अभाव में उसका भविष्य प्रभावित हो रहा है और रोजगार का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है।
पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र में कंपनी के एचआर अधिकारी से दस्तावेज वापस दिलाने की मांग की है। उसका कहना है कि उसने रोजगार के लिए कंपनी में काम किया था, लेकिन अब नौकरी छूटने के साथ ही उसके शैक्षणिक दस्तावेज भी वापस नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में वह खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
बताया गया है कि युवक ने 5 नवंबर 2026 को थाना माती में प्रार्थना पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। उसने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि कंपनी से उसके मूल शैक्षणिक दस्तावेज वापस दिलाए जाएं, ताकि वह दूसरी जगह नौकरी कर अपना जीवनयापन कर सके

