NHAI ने तय किए MLFF टोल कलेक्शन सिस्टम के डिजाइन और बुनियादी ढांचे के मानक, टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रुकने की जरूरत नहीं

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एनएचएआई ने एक बयान में कहा कि इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि नेशनल हाईवे की नए और अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF)’ सिस्टम लागू करने के लिए जरूरी व्यवस्था हो।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने शुक्रवार को 4 या इससे ज्यादा लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम लागू करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों के तहत, गाड़ियों को टोल प्लाजा पर टोल चुकाने के लिए रुकने की जरूरत नहीं होगी और नई टेक्नोलॉजी की मदद से तेज रफ्तार में टोल क्रॉस करने के साथ ही टोल कट जाएगा।
नए और अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में होनी चाहिए MLFF सिस्टम लागू करने के लिए जरूरी व्यवस्था
एनएचएआई ने एक बयान में कहा कि इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि नेशनल हाईवे की नए और अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF)’ सिस्टम लागू करने के लिए जरूरी व्यवस्था हो। इस सिस्टम में गाड़ियों को टोल देने के लिए रुकने की जरूरत नहीं होगी। एनएचएआई ने कहा कि इस पहल से टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लाइनें खत्म हो जाएंगी, जिससे न तो इंतजार करने की जरूरत होगी और ईंधन की खपत भी घटेगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने में मदद मिलेगी।

दिशानिर्देशों में टोल प्लाजा के लिए तय किए गए कई मानक
बयान के मुताबिक, दिशानिर्देशों में टोल प्लाजा की बनावट, टोल कलेक्शन के लिए लेन की संख्या और व्यवस्था, गैन्ट्री लगाने के स्थान, सड़क संबंधी बुनियादी ढांचे, लाइटिंग व्यवस्था, संकेतक और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए एक समान मानक तय किए गए हैं। इनमें नई और निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में इस प्रणाली को लागू करने की प्रक्रिया भी बताई गई है।

NH की अलग-अलग संरचनाओं के अनुरूप बैरियर-फ्री टोल प्लाजा के डिजाइन और बुनियादी ढांचे के मानक तय
नीति संबंधी इस सर्कुलर में राष्ट्रीय राजमार्गों की अलग-अलग संरचनाओं के अनुरूप बैरियर-फ्री टोल प्लाजा के डिजाइन और बुनियादी ढांचे के मानक तय किए गए हैं। इनमें टोल प्लाजा का लेआउट, टोल वसूली वाली लेन की संख्या, गैन्ट्री की व्यवस्था और उनका स्थान, सड़क सुरक्षा के उपाय, संकेतक तथा प्रकाश व्यवस्था शामिल हैं। इनका उद्देश्य देशभर में टोल प्लाजा के डिजाइन में एकरूपता लाना और बिना अवरोध टोल वसूली प्रणाली को सुचारू रूप से लागू करना है।

बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू होने से कम लेन की पड़ेगी जरूरत
बयान में कहा गया है कि इस सिस्टम के तहत गाड़ियों को टोल वसूली के लिए किसी भौतिक अवरोध पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। इसलिए पारंपरिक टोल प्लाजा की तुलना में कम लेन की जरूरत होगी। इससे उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल होगा और टोल एरिया में गाड़ियों की आवाजाही सुगम होगी।

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