पश्चिम बंगाल में राजनीतिक भूचाल के बीच अमित शाह आज से 3 दिनों के लिए राज्य के दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा को ध्यान में रखते हुए कई अहम बैठकों का ऐलान किया गया है।
पश्चिम बंगाल में बीते कुछ समय से राजनीतिकर भूचाल मचा हुआ है। ममता बनर्जी की पार्टी बुरी तरह से बिखर चुकी है। इस बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 17, 18 और 19 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। गृह मंत्री का ये दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि बीते विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां उनका ये पहला विस्तृत दौरा होगा। जानकारी के मुताबिक, अपनी इस यात्रा के दौरान अमित शाह बॉर्डर सुरक्षा, गवर्नेंस, कानून व्यवस्था और विकास पर केंद्रित कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
सामने आया यात्रा का पूरा शेड्यूल
सामने आई जानकारी के मुताबिक, अमित शाह 18 जुलाई को सुबह सिलीगुड़ी में BSF की जुमागाछ सीमा चौकी का दौरा कर 18वीं बटालियन बॉर्डर आउटपोस्ट पर BSF के जवानों से संवाद करेंगे और BSF के विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। दोपहर को वे ‘पश्चिम बंगाल में बॉर्डर से जुड़े मामलों’ पर बैठक की अध्यक्षता करेंगे। तत्पश्चात, वे पश्चिम बंगाल में तीन नए कानूनों के पूर्णत क्रियान्वयन पर समीक्षा बैठक करेंगे और शाम में बंगाल में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामलों पर भी बैठक करेंगे।
19 जुलाई को कोलकाता का दौरा
अपनी यात्रा के दौरान 19 जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता जाएंगे, जहां वे सुबह पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद वे दोपहर में अलीपुर के नेशनल लाइब्रेरी में बने ‘म्यूज़ियम ऑफ वर्ड्स’ के पहले फेज का उद्घाटन करेंगे और उसके बाद कोलकाता के बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में पश्चिम बंगाल में अमूल डेयरी के दही प्लांट का शिलान्यास करेंगे।
तृणमूल कांग्रेस में बुरी तरह से टूट
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में 15 साल बाद सत्ता से बाहर होने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में बुरी तरह से टूट गई है। पार्टी के करीब 20 लोकसभा सांसद ममता बनर्जी का साथ छोड़ चुके हैं और अलग पार्टी में विलय कर चुके हैं। इसके अलावा करीब 60 विधायक भी ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना चुके हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के कई राज्यसभा सांसदों ने भी इस्तीफा दे दिया है। इस पूरे राजनीतिक समीकरण के बीच गृह मंत्री अमित शाह का बंगाल दौरा अहम माना जा रहा है।

