कानपुर में बुलडोजर कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

Date:

पीड़ितों का आरोप- बिना नोटिस उजाड़े गए 25 से 30 परिवार, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और मूलभूत सुविधाओं से वंचित करने का भी दावा

कानपुर। नौबस्ता क्षेत्र स्थित कच्ची बस्ती, बसंत विहार की निवासी कश्मीरा पत्नी रमा बाबू खटिक ने अपने सहित दर्जनों परिवारों की ओर से प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि 19 जून 2026 को कुछ लोग जेसीबी और बुलडोजर के साथ बस्ती में पहुंचे। इससे पहले वहां रहने वाले लोगों के नाम और अन्य जानकारियां दर्ज की गईं और उसके बाद बिना किसी पूर्व सूचना या लिखित नोटिस के उनके मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। परिवारों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान न तो कोई सरकारी आदेश दिखाया गया और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।

पीड़ितों का दावा है कि यह कार्रवाई एक व्यक्ति योगी सिंह के कहने पर कराई गई। उनका आरोप है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों या कर्मचारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस विभाग के आदेश पर मकानों को गिराया जा रहा है। बस्तीवासियों का कहना है कि वर्षों से बसे उनके घरों को अचानक बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया, जिससे पूरा परिवार सड़क पर आ गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार इस कार्रवाई से करीब 25 से 30 परिवार बेघर हो गए हैं। उनका कहना है कि उनके पूर्वज पिछले 80 से 90 वर्षों से इसी बस्ती में रह रहे थे। अचानक हुई कार्रवाई से उनका आशियाना, घरेलू सामान और वर्षों की मेहनत की कमाई प्रभावित हो गई। अब उनके पास रहने के लिए सुरक्षित स्थान तक नहीं बचा है।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि बरसात के मौसम में महिलाएं, छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि उन्हें मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा है। बस्ती में पेयजल के लिए नल कनेक्शन का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम वोटर लिस्ट से भी हटा दिए गए हैं, जबकि वे हर चुनाव में मतदान करते रहे हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना चाहते हैं।

बस्तीवासियों का यह भी आरोप है कि जब वे अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें पुलिस का डर दिखाया जाता है। उनका कहना है कि भय के माहौल के कारण कोई खुलकर उनकी मदद करने या उनके पक्ष में आवाज उठाने के लिए आगे नहीं आ रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे लगातार असुरक्षा और अनिश्चितता के बीच जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

बस्ती के लोगों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर पूरे मामले का सत्यापन करें और निष्पक्ष जांच कराएं। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई में नियमों की अनदेखी हुई है तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही बेघर हुए सभी परिवारों को तत्काल राहत, अस्थायी आश्रय, पेयजल, राशन और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें बारिश के मौसम में सड़क पर जीवन बिताने के लिए मजबूर न होना पड़े।

हालांकि, इस पूरे मामले में प्रशासन, पुलिस अथवा अन्य संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।Hashtags

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related