आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रेम संबंध, विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला ने आरोप लगाया है कि सात वर्षों तक साथ रखने, सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करने और बाद में कोर्ट मैरिज करने के बावजूद उसके पति ने उसे और उसके दो बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया। पीड़िता का कहना है कि अब वह मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संकट से जूझ रही है तथा न्याय की उम्मीद में प्रशासन के दरवाजे खटखटा रही है।
पीड़िता रिंकी वर्मा पत्नी आशीष गौतम, निवासी भाटिया पेट्रोल पंप के सामने, नगला छऊआ, थाना ट्रांस यमुना, आगरा की रहने वाली हैं। जबकि आशीष गौतम का निवास खोया चौराहा, कुसुम पेट्रोल पंप के पास, जिम गली में बताया गया है।
रिंकी वर्मा का आरोप है कि लगभग सात वर्ष पहले उनकी मुलाकात आशीष गौतम से हुई थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। इसी दौरान आशीष ने उन्हें जीवनभर साथ निभाने का भरोसा दिया। महिला का कहना है कि आशीष के भरोसे पर ही उसने अपने पहले पति का घर छोड़ दिया। आरोप है कि आशीष ने उसके पहले पति को भी यह कह दिया था कि रिंकी अब उसके साथ रह रही है, जिसके बाद पहले पति ने उसे अपने घर से निकाल दिया। इसके बाद वह अपने दोनों बच्चों के साथ आशीष के पास रहने लगी।
महिला का कहना है कि दोनों ने सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया और बाद में अपने रिश्ते को कानूनी मान्यता देने के लिए कोर्ट मैरिज भी की। विवाह के बाद कुछ समय तक दोनों साथ रहे और पारिवारिक जीवन सामान्य रूप से चलता रहा। लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां बदलने लगीं।
पीड़िता का आरोप है कि आशीष के माता-पिता तथा उसकी तीनों बहनों ने शुरू से ही इस विवाह का विरोध किया। उन्होंने रिंकी को परिवार की बहू मानने से इनकार कर दिया और उसे घर में रहने की अनुमति भी नहीं दी। महिला का कहना है कि परिवार के लगातार दबाव के कारण आशीष का व्यवहार भी बदलने लगा और आखिरकार करीब तीन महीने पहले उसने उससे सभी संबंध समाप्त कर लिए।
रिंकी का आरोप है कि जब वह अपने वैवाहिक अधिकारों की मांग लेकर आशीष के घर पहुंची तो वहां मौजूद परिवार के लोगों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। उसने आरोप लगाया कि उसके साथ गाली गलौज की गई, मारपीट कर घर से भगा दिया गया और साफ शब्दों में कह दिया गया कि उसे इस परिवार की बहू के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महिला का कहना है कि उसने अपना पूरा जीवन आशीष के भरोसे छोड़ दिया था। उसके अनुसार उसने अपने पहले पति का घर भी इसी विश्वास के साथ छोड़ा था कि आशीष जीवनभर उसका और उसके बच्चों का सहारा बनेगा। लेकिन अब जब आशीष ने साथ छोड़ दिया है तो उसके सामने अपने और दोनों बच्चों के पालन पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आशीष गौतम ने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया है और अब किसी भी प्रकार की बातचीत करने से इनकार कर रहा है। इससे वह लगातार मानसिक तनाव, सामाजिक असुरक्षा और आर्थिक तंगी का सामना कर रही है। महिला का कहना है कि उसके पास न रहने का सुरक्षित सहारा बचा है और न ही बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का कोई साधन।
रिंकी वर्मा का कहना है कि वर्तमान समय में वह पूरी तरह आशीष गौतम पर ही निर्भर है। उनका आरोप है कि यदि आशीष उन्हें और उनके बच्चों को स्वीकार नहीं करता है तो उनके सामने जीवन समाप्त करने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें या उनके बच्चों को किसी प्रकार की हानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी आशीष गौतम और उसके परिवार की होगी।
पीड़िता ने प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनका विवाह विधिक रूप से वैध है तो उन्हें पत्नी के सभी कानूनी अधिकार दिलाए जाएं। साथ ही आशीष गौतम को उनके तथा दोनों बच्चों के भरण पोषण की जिम्मेदारी निभाने के लिए बाध्य किया जाए। उन्होंने अपने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पूरे मामले में विधि सम्मत कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है।

