करनाल। शहर के शिव कॉलोनी थाना क्षेत्र से एक 9 महीने की गर्भवती महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता मंजू का कहना है कि उसकी शादी रोहित के साथ करीब 10 साल पहले हुई थी, लेकिन पिछले 3-4 महीने से उसका पति उसे छोड़कर दूसरी महिला के साथ रह रहा है। मंजू के अनुसार वह इस समय गर्भवती है और पति की ओर से आर्थिक सहयोग नहीं मिलने के कारण अकेले बेहद परेशान परिस्थितियों में जीवन गुजार रही है।
मंजू का आरोप है कि उसका पति रोहित किसी अन्य महिला के साथ संबंध में है और उसी के साथ रह रहा है। पीड़िता के मुताबिक उस महिला का नाम पूजा है, जो मंगल कॉलोनी की गली नंबर 3 में रहती है। मंजू का यह भी आरोप है कि रोहित और पूजा दोनों नशे का सेवन करते हैं और शराब आदि पीते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़िता ने बताया कि पति के खिलाफ उसने रामनगर थाने में शिकायत की थी। मंजू के अनुसार शिकायत के बाद उसके पति रोहित और उसके पिता सोनू ने उससे बातचीत की और कथित तौर पर भरोसा दिलाया कि आगे से वह जो कहेगी, उसी के अनुसार बात मानी जाएगी। मंजू का कहना है कि इसी भरोसे के बाद उससे शिकायत वापस करवा ली गई, लेकिन इसके बावजूद उसकी परिस्थितियों में कोई सुधार नहीं हुआ।
मंजू के मुताबिक शिकायत वापस लेने के बाद भी पति उसके साथ रहने और उसका खर्च उठाने के लिए तैयार नहीं है। वह गर्भावस्था के इस अंतिम चरण में अकेले अपने जीवन-यापन की व्यवस्था करने को मजबूर है। पीड़िता का कहना है कि पति की ओर से घर-खर्च के लिए पर्याप्त पैसे नहीं दिए जाते, जिसके कारण उसकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
मंजू ने यह भी आरोप लगाया कि पूजा नाम की महिला उसे फोन करके गाली-गलौज करती है और अपशब्द बोलती है। पीड़िता का कहना है कि एक ओर वह नौ महीने की गर्भवती है, वहीं दूसरी ओर पति के दूसरी महिला के साथ रहने और आर्थिक मदद नहीं करने के कारण मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उसका कहना है कि वह अपने पति के साथ वैवाहिक जीवन और अपने अधिकारों को लेकर न्याय चाहती है तथा गर्भावस्था के दौरान उसे आर्थिक और कानूनी सहायता मिलनी चाहिए। मंजू ने प्रशासन से पति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और उसे सुरक्षा तथा न्याय दिलाने की अपील की है।
मंजू का कहना है कि वह पिछले कई महीनों से इस समस्या को लेकर परेशान है और अब गर्भावस्था के अंतिम समय में उसके सामने आर्थिक और पारिवारिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़िता चाहती है कि संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उसकी शिकायत की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएं तथा यदि उसके आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इस पूरे मामले में लगाए गए आरोप पीड़िता के बयान पर आधारित हैं। पति रोहित और पूजा का पक्ष सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

