खेत के कब्जे के विवाद में खूनी संघर्ष का आरोप, धारदार हथियार और लाठी-डंडों से हमला, पीड़ित बोला- “शिकायत के बाद भी नहीं मिली सुनवाई”

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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के भोजपुर थाना क्षेत्र के नगला बैर गांव में भूमि विवाद को लेकर हिंसक घटना सामने आई है। गांव निवासी राजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी कृषि भूमि पर पिछले करीब दो वर्षों से जबरन कब्जा किया गया है। उनका कहना है कि हर फसल के समय कब्जाधारी यह आश्वासन देते रहे कि फसल कटने के बाद जमीन खाली कर देंगे, लेकिन आज तक कब्जा नहीं छोड़ा गया। अब इसी विवाद ने कथित रूप से जानलेवा हमले का रूप ले लिया है।

पीड़ित के अनुसार, करीब 20 से 25 दिन पहले जब वह खेत से अपने घर लौट रहे थे, तभी धर्मपाल, राजाराम, नरेंद्र, प्रशांत, कुश तथा अन्य लोगों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया। राजीव कुमार का आरोप है कि सभी ने मिलकर उन पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई तथा शरीर के कई हिस्सों में भी चोटें आईं। उन्होंने बताया कि मारपीट के दौरान उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया और लगातार हमला किया गया।

राजीव कुमार का कहना है कि किसी तरह अपनी जान बचाकर वह पड़ोस के एक मकान में घुस गए, लेकिन आरोपियों ने वहां भी उनका पीछा नहीं छोड़ा। उनका आरोप है कि हमलावरों ने मकान के गेट पर लात-घूंसों और लाठी-डंडों से हमला कर दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस से सहायता मांगी। बाद में अस्पताल पहुंचकर मेडिकल परीक्षण कराया और भोजपुर थाना पुलिस को लिखित शिकायत भी सौंपी।
पीड़ित राजकुमार का कहना है कि उनके मामले में 360 और 308 का मुकदमा दर्ज होना चाहिए क्योंकि जानलेवा हमला किया गया है

पीड़ित का आरोप है कि मेडिकल और शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम को मामूली विवाद बताकर दबाने का प्रयास किया गया, जबकि उनके अनुसार यह सुनियोजित और जानलेवा हमला था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद से लगातार उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है।

राजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि इस पूरे घटनाक्रम में पुष्पेंद्र नामक व्यक्ति की प्रमुख भूमिका रही है। उनका दावा है कि हमला कराने और मामले को प्रभावित करने में उसी का सबसे अधिक हाथ है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि पुष्पेंद्र के प्रभावशाली लोगों से संबंध होने के कारण उनके मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही और शिकायत को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

पीड़ित ने बताया कि उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा हैं। लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार दहशत में है और घर से बाहर निकलने तक में डर महसूस कर रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने, अवैध कब्जे की जांच कराने तथा अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है।

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