पहले महाघोटाले की बात होती थी, अब महाप्रोजेक्ट की चर्चा होती है : PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले हजारों लाखों करोड़ रुपये के महाघोटालों की चर्चा होती थी लेकिन अब देश में महाप्रोजेक्ट की चर्चा होने लगी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संकल्प से सिद्धि का समय है, हम जो संकल्प करते हैं, उसे समय से ही सिद्ध कर बता रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नवी मुंबई में शुक्रवार को आयोजित अटल सेतु उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कहा कि बांद्रा-वर्ली सीलिंक का काम कांग्रेस सरकार ने किया था लेकिन अटल सेतु का काम बांद्रा सीलिंक से पांच गुणा अधिक है पर बांद्रा वर्ली सीलिंक का काम समय से पूरा नहीं हो सका था और इसकी लागत बढ़ गई थी जबकि अटल सेतु का काम तय समय और तय लागत में पूरा हो गया। आज देश को दुनिया का सबसे बड़ा विशाल अटल सेतु मिल गया। यही हमारे संकल्प का पैमाना है। हम भारत के विकास के लिए सागर से भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। लहरों से लड़ सकते हैं। आज का कार्यक्रम संकल्प से सिद्धि का माप है। 24 दिसंबर 2016 को भुलाया नहीं जा सकता। आज के दिन मैं अटल सेतु के भूमि पूजन के लिए आया था। तब मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन किया और उनसे कहा कि इसे लिख लें, देश बदल जाएगा और देश आगे बढ़ेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों को उस प्रणाली से कोई उम्मीद नहीं बची थी जो वर्षों से काम को रोकने की आदी हो गई थी। लोगों को लगा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि बड़ी परियोजनाएं उनके जीवनकाल में पूरी हो जाएंगी। तो मैंने कहा कि लिख लीजिए, देश बदल जाएगा और जरूर बदलेगा। तब ये मोदी की गारंटी थी। आज मैं छत्रपति शिवाजी महाराज को फिर से प्रणाम करके, मुंब्रा देवी को प्रणाम करके, सिद्धिविनायक को प्रणाम करके अटल सेतु को मुंबईवासियों के लिए समर्पित कर रहा हूं। कोरोना संकट में भी मुंबई ट्रांस हार्बर का पूरा होना बड़ी बात है। भूमिपूजन, लोकार्पण कोई एक दिन का आयोजन नहीं है। हमारे लिए हर प्रोजेक्ट भारत में इनोवेशन का माध्यम है। प्रत्येक ईंट से एक इमारत बनती है। साथ ही ऐसी हर परियोजना एक भव्य भारत का निर्माण करेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में, मुझे चुनाव की जिम्मेदारी दी गई थी। उससे पहले मैं रायगढ़ किले पर गया था. मैं कुछ पल के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि के पास बैठा था। 10 साल हो गये। इन 10 वर्षों में हमने अपने सपनों को साकार होते देखा है। अटल सेतु इसी भावना का परिचायक है। युवा नये विश्वास लेकर आये हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य का रास्ता अटल सेतु जैसी सड़कों से होकर गुजरता है। अटल सेतु की तस्वीर विकसित भारत की है। विकसित भारत की एक झलक। विकसित भारत में गति होगी, प्रगति होगी। विकसित भारत में दूरियां कम होंगी, देश का हर कोना जुड़ेगा। मोदी ने कहा, पिछले 10 सालों में भारत बदल गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि अटल टनल और चिनाब जैसे पुलों पर चर्चा हुई। एक के बाद एक हाइवे बनाने की बात हो रही है। पूर्वी और पश्चिमी, पश्चिमी गलियारा रेलवे की छवि बदलने वाला है। वंदे भारत, नमो भारत, अमृत भारत ट्रेनें आम आदमी के जीवन को आसान बना रही हैं। आज हर देश के कोने-कोने में नये-नये एयरपोर्ट खुल रहे हैं। महाराष्ट्र में भी कई बड़ी परियोजनाएं पूरी हो रही हैं। पिछले साल समृद्धि राजमार्ग का उद्घाटन किया गया था। नवी मुंबई हवाई अड्डे और तटीय सड़क पर काम चल रहा है। आने वाले साल में मुंबई को पहली बुलेट ट्रेन भी मिल जाएगी। करदाताओं के पैसे का उपयोग विकास में किया जा रहा है लेकिन जिन लोगों ने एक दशक से ज्यादा समय तक देश पर शासन किया, उन्होंने देश के पैसे और करदाताओं के पैसे के बारे में नहीं सोचा। उनकी परियोजनाएं पूरी नहीं होना चाहतीं या देर से पूरी होती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि उनका लक्ष्य है राज्य की दो करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का है। वे इसे करके दिखाएंगे।

प्रधानमंत्री आज नासिक दौरे पर थे। उन्होंने कालाराम मंदिर में स्वच्छता भी की। साथ ही प्रधानमंत्री गोदावरी में जलपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। नासिक में प्रधानमंत्री के रोड शो में लाखों समर्थकों ने भाग लिया एवं प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दी।

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