प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। प्रयागराज जिले के भटौती क्षेत्र में खनन गतिविधियों और लगातार होने वाली ब्लास्टिंग को लेकर स्थानीय निवासी पप्पू ने गंभीर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में माइंस विभाग से जुड़ी गतिविधियों के दौरान आग लगाए जाने और पत्थर की खदानों में ब्लास्टिंग किए जाने जैसी घटनाएं होती रहती हैं। पप्पू का कहना है कि खनन क्षेत्र के आसपास कंपनी और आबादी के बीच दूरी को लेकर भी सवाल उठते हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
पप्पू, जो प्रयागराज जिले के भटौती क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं, के अनुसार इलाके में खनन का काम लंबे समय से चल रहा है। उनका दावा है कि खदानों में ब्लास्टिंग होने से आसपास के लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन से संबंधित कुछ गतिविधियों में आग लगाए जाने की घटनाएं भी होती हैं। हालांकि, आग लगाए जाने की परिस्थितियों, ब्लास्टिंग की अनुमति और सुरक्षा नियमों के पालन के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
शिकायतकर्ता ने सरदार नाम के एक व्यक्ति का भी उल्लेख किया है। पप्पू के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति खनन से जुड़ी गतिविधियां करवाता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उस व्यक्ति की पूरी पहचान और उसकी वास्तविक भूमिका स्पष्ट नहीं है। इसलिए इस संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही हो सकती है।
पप्पू का कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराने या सूचना देने की कोशिश की थी, लेकिन उनके अनुसार कोई जवाब नहीं मिला। शिकायतकर्ता का दावा है कि यदि समय रहते उनकी बात सुनी जाती और मौके की स्थिति की जांच की जाती, तो क्षेत्र में खनन और ब्लास्टिंग से जुड़े सवालों पर स्पष्टता आ सकती थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि खनन स्थल का निरीक्षण कराया जाए और यह जांच की जाए कि वहां निर्धारित नियमों तथा सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
खनन क्षेत्र में ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन, आसपास के घरों और लोगों की सुरक्षा तथा पर्यावरणीय प्रभाव जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होती है कि शिकायत मिलने पर तथ्यों की जांच करे और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल, पप्पू के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित माइंस विभाग, कंपनी या नामित व्यक्ति का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है।
पप्पू ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए, खनन और ब्लास्टिंग की गतिविधियों की जांच कराई जाए तथा शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जाए। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर स्थल निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की जांच करते हैं या नहीं।

