मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाने के साथ वीडियो बनाने का शौक बना रहे हैं राजीव, रोजाना कड़ी मेहनत के बाद कैमरा उठाकर जुट जाते हैं अपनी पहचान बनाने में
कड़ी मेहनत और जुनून अगर साथ हो तो इंसान अपनी अलग पहचान बनाने का सपना देख सकता है। कुछ ऐसा ही सपना लेकर राजीव पोद्दार पिछले करीब छह महीने से लगातार वीडियो बनाने में जुटे हुए हैं। मेहनत मजदूरी करके अपना जीवन चलाने वाले राजीव का वीडियो बनाना केवल शौक नहीं बल्कि सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहचान बनाने का जुनून बन चुका है।
राजीव पोद्दार सोशल मीडिया पर Rajiv PODDAR के नाम से वीडियो बनाते हैं। पिछले छह महीनों से वह लगातार वीडियो तैयार करने में मेहनत कर रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका प्रयास है कि उनके बनाए वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचें और सोशल मीडिया पर उनकी एक अलग पहचान बने।
दिनभर मेहनत मजदूरी करने के बाद जब आमतौर पर लोग आराम करने की सोचते हैं, उस समय राजीव अपने दूसरे जुनून को समय देते हैं। वीडियो बनाने से लेकर उसे सोशल मीडिया पर साझा करने तक वह लगातार मेहनत कर रहे हैं। उनका मानना है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता और अगर लगातार प्रयास किया जाए तो एक दिन सफलता जरूर मिलती है।
राजीव की कहानी उन तमाम युवाओं और मेहनतकश लोगों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है जो अपने रोजमर्रा के संघर्ष के बीच अपने सपनों को जिंदा रखे हुए हैं। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद राजीव ने वीडियो बनाने का जुनून नहीं छोड़ा है।
अब राजीव की कोशिश है कि उनके वीडियो सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। वह चाहते हैं कि लोग उनके काम को देखें, उन्हें पहचानें और उनके संघर्ष की कहानी भी लोगों तक पहुंचे। छह महीने से जारी उनकी यह मेहनत आने वाले समय में उन्हें सोशल मीडिया पर कितनी बड़ी पहचान दिलाती है, यह देखने वाली बात होगी।
मेहनत मजदूरी से लेकर सोशल मीडिया तक का सफर
राजीव पोद्दार की कहानी बताती है कि सपने देखने के लिए बड़े संसाधनों की नहीं बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए जुनून और लगातार मेहनत की जरूरत होती है। रोजी रोटी के लिए मेहनत मजदूरी करने के साथ वह अपने शौक को भी समय दे रहे हैं

