डॉक्टर के इलाज के बाद महिला की हालत बिगड़ने का आरोप, 20 से 25 हजार रुपए खर्च के बाद भी नहीं मिली राहत; समझौते से मुकरने और धमकी देने का दावा

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पटना/गया। रेमा पंचायत इलाज के बाद महिला की हालत गंभीर होने और उपचार में हजारों रुपए खर्च होने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को दिव्या कुमारी को उनके पति शैलेश कुमार इलाज के लिए कोसीलेद्र डॉक्टर पता पकड़ी रहने वाला है के पास लेकर गए थे। परिवार की ओर से डॉक्टर का नाम कौशलेंद्र बताया गया है, जो पकड़ी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। इलाज के दौरान महिला को कथित तौर पर एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई।

परिवार का कहना है कि इलाज के बाद से दिव्या कुमारी की हालत पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और उन्हें लगातार स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिला के उपचार में अब तक करीब 20 से 25 हजार रुपए खर्च होने की बात भी सामने आई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ने के बावजूद महिला को अभी तक अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है।

इलाज के खर्च को लेकर समझौते की बात, बाद में मुकरने का आरोप

पीड़ित शैलेश कुमार के अनुसार, मामले को आपसी समझौते से सुलझाने के लिए बातचीत हुई थी। इस दौरान कथित तौर पर यह बात कही गई थी कि इलाज में हुए खर्च का आधा हिस्सा संबंधित पक्ष की ओर से दिया जाएगा। परिवार का कहना है कि शुरुआती बातचीत के बाद अब संबंधित लोग अपनी बात से पीछे हट रहे हैं और खर्च में सहयोग करने से इनकार कर रहे हैं।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि आर्थिक मदद देने के आश्वासन के बावजूद अब उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। परिवार का दावा है कि जब उन्होंने इलाज में हुए खर्च और महिला की बिगड़ी हालत को लेकर अपनी बात रखी तो उन्हें कथित रूप से धमकी भी दी गई।

बीमारी से जूझ रही महिला, परिवार ने कार्रवाई की मांग उठाई

परिवार के मुताबिक दिव्या कुमारी की तबीयत बिगड़ने के बाद से अब तक इलाज और दवाइयों पर लगातार खर्च हो रहा है। पति शैलेश कुमार का कहना है कि एक ओर पत्नी की तबीयत ठीक नहीं हो रही है, वहीं दूसरी ओर इलाज के खर्च को लेकर भी उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़ित परिवार ने संबंधित डॉक्टर और मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। साथ ही इलाज के बाद महिला की हालत बिगड़ने के कारणों की निष्पक्ष जांच और उपचार में हुए खर्च को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग

पीड़ित पक्ष का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इलाज के दौरान महिला को क्या उपचार दिया गया था और उसके बाद उसकी तबीयत क्यों बिगड़ी। परिवार ने पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कराने, महिला के इलाज में सहयोग दिलाने और कथित धमकी देने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

मामले में डॉक्टर अथवा दूसरे पक्ष का विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। इसलिए लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की तबीयत बिगड़ने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं।

पीड़ित परिवार का कहना है कि वे लंबे समय से महिला के इलाज को लेकर परेशान हैं और अब प्रशासन से उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।

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