वाराणसी में Grindr ऐप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर सुनसान जगह बुलाने और फिर मारपीट कर कमरे में बंद करने के आरोप में कपसेठी पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर पीड़ितों के वीडियो बनाकर उन्हें डराते धमकाते थे और मोबाइल के माध्यम से रुपये ट्रांसफर करवाते थे। तीनों आरोपियों को 16 अगस्त की रात कुरू चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार कपसेठी थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 120/2026 में तीनों आरोपी वांछित चल रहे थे। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में कालिका धाम चौराहे के पास मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि इसरवार निवासी नितिन सिंह अपने साथियों के साथ लोगों को ऐप के माध्यम से झांसे में फंसाकर बुलाता है और उनके साथ मारपीट कर जबरन वीडियो बनाता है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कुरू तिराहे की ओर घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक 16 अगस्त 2026 को रात करीब 8 बजकर 30 मिनट पर कुरू चौराहे के पास तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिन सिंह पुत्र सुरेश सिंह निवासी ग्राम इसरवार थाना कपसेठी, अभय मिश्रा उर्फ खलनायक पुत्र संजय मिश्रा निवासी शेरवानीपुर थाना बड़ागांव और हर्ष दूबे पुत्र प्रभाकर दूबे निवासी ग्राम बरकी थाना कपसेठी के रूप में हुई है।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने Grindr ऐप के जरिए लोगों को संपर्क में लेकर उन्हें सुनसान स्थान पर बुलाने, मारपीट करने, कमरे में बंद करने और वीडियो बनाकर डराने धमकाने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार वीडियो के जरिए भय पैदा करने के बाद मोबाइल से रुपये ट्रांसफर करवाए जाते थे।
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी नितिन सिंह के खिलाफ पहले भी बड़ागांव थाने में मारपीट, गाली गलौज, धमकी और अश्लीलता से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अभय मिश्रा के खिलाफ भी बड़ागांव थाने में वर्ष 2026 में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के दिशा निर्देशों का पालन किया गया। आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में फिलहाल कोई बरामदगी नहीं हुई है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में कपसेठी थानाध्यक्ष विकास कुमार के साथ उप निरीक्षक मनीष कुमार, उप निरीक्षक मधुसूदन त्रिपाठी, उप निरीक्षक करुणा सागर तिवारी, उप निरीक्षक प्रवीन कुमार पांडेय, आरक्षी राम आशीष और आरक्षी साजन कुमार शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

