ब्रेकिंग न्यूज़ सिंगरौली
इन वीडियो क्लिप्स में दिख रही स्थिति वाकई चिंताजनक है। पायोनियर पब्लिक स्कूल, सरई की इस वैन (नंबर–MP66ZB0774) को देखकर कुछ गंभीर सुरक्षा चूकें साफ नज़र आ रही हैं।
वैन में बच्चे खिड़कियों तक ठुंसे हुए दिख रहे हैं। स्कूल वाहनों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार, हर बच्चे के लिए बैठने की सुरक्षित जगह होनी चाहिए, लेकिन यहाँ बच्चे एक-दूसरे के ऊपर लदे हुए लग रहे हैं।
आज यह कड़वा सच लिखते हुए कलम भी कांप रही है। जिन्हें हम कल का भविष्य कहते हैं, जिन्हें दुनिया की नींव रखनी है, आज वही छात्र सड़कों पर धूल फांकने को मजबूर हैं।
याद रखिये, जो कौम अपने विद्यार्थियों को भेड़-बकरियों की तरह ट्रीट करती है, उसका भविष्य कभी शेर जैसा दहाड़ नहीं सकता।
सावधान बच्चे बैठे हैं’ का बोर्ड लगाकर, क्या प्रशासन की आंखों में धूल झोंकी जा रही है? यह तस्वीरें किसी मालढोने वाली गाड़ी की नहीं।
माता-पिता अपना पेट काटकर, खून-पसीने की कमाई इन निजी स्कूलों को देते हैं ताकि उनके बच्चों का भविष्य संवर सके। लेकिन बदले में उन्हें क्या मिल रहा है? भेड़-बकरियों से भी बदतर हालत में सफर और हर पल हादसे का डर,
जांच की मांग
शिक्षा मंत्री एवं जिला कलेक्टर महोदय से संचालक के ऊपर उचित कार्रवाई की जाय
अब देखना यह होगा की जाती है या फिर कागजों की फाइल में दबा दी जाती है

