पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भारी बारिश और बाढ़ से 12 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 18 लोग घायल हैं। जानकारी के मुताबिक अलग-अलग जगहों पर कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बारिश और बाढ़ से 12 लोगों की मौत का मामला सामने आया है। अलग-अलग घटनाओं में 18 लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। फिलहाल मौसम विभाग की तरफ से और अधिक बारिश होने का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने और घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बता दें कि अलग-अलग घटनाओं में 14 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
मृतकों में पांच बच्चे भी शामिल
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा में अचानक भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हालात बेकाबू हो गए। इस दौरान अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 18 लोग घायल हो गए। मरने वालों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, ये मौतें घरों की छतें और दीवारें गिरने तथा लोगों के अचानक आई बाढ़ में बह जाने के कारण हुईं। मरने वालों में 6 पुरुष, 5 बच्चे और 1 महिला शामिल हैं। वहीं घायलों में 8 पुरुष, 2 महिलाएं और 8 बच्चे शामिल हैं।
14 मकान हुए क्षतिग्रस्त
जानकारी के मुताबिक ये घटनाएं पेशावर, खैबर, मरदान, बुनेर, बाजौर, लोअर चित्राल, एबटाबाद, मानसेहरा, तोरघर और कुर्रम जिलों से सामने आईं। PDMA के अनुसार, भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण कुल 14 घर क्षतिग्रस्त हुए। इनमें से एक घर पूरी तरह नष्ट हो गया, जबकि बाकी को आंशिक नुकसान पहुंचा। PDMA, रेस्क्यू 1122, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभाग राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए थे। PDMA के महानिदेशक ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
मौसम का क्या है अपडेट?
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रांत की सभी प्रमुख नदियों, नालों और जलमार्गों में जल स्तर और बहाव सामान्य सीमा के भीतर रहा। हालांकि, पाकिस्तान मौसम विभाग ने 25 जुलाई तक पूरे प्रांत में रुक-रुक कर भारी बारिश का अनुमान जताया है। PDMA ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जोखिम वाली पर्यटन जगहों से दूर रहने और नदियों, नालों व बाढ़ वाले रास्तों पर जाने से बचने की अपील की। नागरिकों को मौसम संबंधी आधिकारिक अलर्ट और सुरक्षा सलाह का पालन करने की भी सलाह दी गई। प्राधिकरण ने कहा कि सभी जिला प्रशासनों को पहले ही हाई अलर्ट पर रखा गया है।

