फुटपाथ पर से कब्जा हटाने गए थे अधिकारी, लोगों ने हमला कर दिया, बेंगलुरु से आया चौंकाने वाला Video

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बेंगलुरु में फुटपाथ से कब्जा हटाने के अभियान के दौरान ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के कर्मियों पर हमला किया गया है। इस घटना का वीडियो सामने आया है। पुलिस ने मामले में जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु में फुटपाथ से कब्जा हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी यानी GBA कर्मियों पर हमले की घटना प्रकाश में आई है। आपको बता दें कि बेंगलुरु में पिछले कुछ दिनों से फुटपाथ पर जारी अतिक्रमण को हटाने का अभियान लगातार जारी है। ऐसे में अधिकारियों पर हमले की घटना ने लोगों को भी हैरान कर के रख दिया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये पूरी घटना सोमवार की सुबह सामने आई है। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अधिकारी अपनी टीम के साथ शिवाजीनगर बस स्टैंड इलाके के पास फुटपाथ पर से कब्जा हटाने के लिए गए थे। सामने आई जानकारी के मुताबिक, उसी समय कुछ अज्ञात लोगों अधिकारी पर हमला कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर माधव राव के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इस पूरी घटना को लेकर कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं, पुलिस ने इस घटना में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आपको बता दें कि बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम की समस्या बार-बार सामने आती रहती है। लोग अक्सर इसको लेकर सवाल उठाते रहते हैं। इसका एक कारण अतिक्रमण भी है।

मंत्री के कार्यालय ने जारी किया बयान
अतिक्रमण हटाने के दौरान अधिकारी पर हमले की घटना सामने आने के बाद बेंगलुरु डिवेलपमेंट मंत्री कृष्णा बइरेगौडा के कार्यालय से जारी एक प्रेस नोट में कहा गया कि “सुरक्षित फुटपाथ अभियान के दौरान सरकारी प्रतिनिधियों पर हमला करने वाले लोगों को जल्द गिरफ़्तार किया जाएगा। मैंने इस संबंध में पुलिस कमिश्नर और BBMP (GBA) अधिकारियों को सख़्त निर्देश दिए हैं। ये लोग अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले मेहनती गरीब नहीं हैं, बल्कि असामाजिक तत्व हैं।
हम अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़े हैं- मंत्री
मंत्री कृष्णा बइरेगौडा के कार्यालय ने कहा- “माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करते समय सरकारी प्रतिनिधियों पर हमला करना कानून का गंभीर उल्लंघन है। कानून के अनुसार सार्वजनिक कर्तव्य निभा रहे अधिकारियों के साथ हम मजबूती से खड़े हैं। सार्वजनिक कर्तव्य पर तैनात अधिकारियों पर हमला करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मैं GBA और पुलिस के लगातार संपर्क में हूं और स्थिति पर नजर रख रहा हूँ। साथ ही, हम सब मिलकर सख़्त कदम उठा रहे हैं।”

5 आरोपी हिरासत में
पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है। उन पर हत्या की कोशिश (धारा 307) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। बताया जा रहा है कि बसवराज पुदुकोटे नाम के एक व्यक्ति ने, जो खुद को कन्नडा समर्थक संगठन से जुड़ा बताता है, ने इस हमले के लिए उकसाया था। उसे जल्द ही गिरफ़्तार किया जाएगा।

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