ईरान से युद्ध के बीच उसके पड़ोसी देश इराक से अपनी सेना क्यों वापस बुलाने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप?

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इराक की जमीन से अमेरिकी सेना हटने जा रही है। इसका ऐलान डोनाल्ड ट्रंप ने इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर दिया है। जानें इसकी वजह दोनों ने क्या बताई।
अमेरिका और इराक ने ऐलान किया है कि अमेरिकी फौज सितंबर के आखिर तक इराक की जमीन से हट जाएगी। इसके साथ ही, इराक में 23 साल से चल रही अमेरिकी सैन्य तैनाती खत्म हो जाएगी। जान लें कि इराक में अमेरिकी सेना की तैनाती साल 2003 में सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाने के लिए किए गए अटैक के साथ शुरू हुई थी और बाद में आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ अभियानों पर फोकस हो गई थी।
इराक में अब अमेरिकी सेना की मौजूदगी की जरूरत नहीं
बता दें कि बीते मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने व्हाइट हाउस में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और उसमें डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब इराक में मिलिट्री की मौजूदगी को जरूरी नहीं मानता है।

हमें नहीं लगता कि अब इराक में अमेरिकी आर्मी की जरूरत है: डोनाल्ड ट्रंप

जरूरत पड़ने पर करते रहेंगे इराक की मदद
इस दौरान, डोनाल्ड ट्रंप ने इराक के अमेरिकी पेट्रोलियम कंपनियों के साथ बढ़ते कमर्शियल रिश्तों का जिक्र भी किया। डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा, ‘यह एक व्यापक रिश्ता है जिसमें हमें आर्मी की मौजूदगी की जरूरत नहीं है। हम इराक में उनकी मदद करने के लिए हैं। हम उनकी सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर वहां मौजूद रहेंगे। लेकिन अमेरिका को ऐसा नहीं लगता कि अब इसकी जरूरत पड़ेगी।’

30 सितंबर तक इराकी जमीन से हट जाएगी अमेरिकी सेना
वहीं, संयुक्त घोषणा को दोहराते हुए इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने कहा, ‘अमेरिकी फौज 30 सितंबर तक इराक की जमीन से हट जाएगी, हालांकि अमेरिकी कंपनियां इराक में बनी रहेंगी।’

अमेरिका की इराक में कार्रवाई
साल अमेरिका की कार्रवाई
2003 अमेरिका ने इराक पर हमला किया था। यह अटैक इस दावे के आधार पर किया गया कि सद्दाम हुसैन के पास बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियार हैं।
2007 इस समय संघर्ष अपने चरम पर था, तब इराक में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 1 लाख 70 हजार से भी ज्यादा हो गई थी।
2011 ओबामा के कार्यकाल में एक समझौते के बाद, 2011 में अधिकतर लड़ाकू टुकड़ियां अमेरिका वापस बुला ली गईं।
2014 ISIS ने इराक-सीरिया के बड़े इलाकों पर कब्जा कर लिया, तो अमेरिकी सेनाएं फिर से इराक में लौट आईं।
2021 ISIS का इलाकों पर कब्जा खत्म हो गया, फिर भी ट्रेनिंग के लिए करीब ढाई हजार अमेरिकी सैनिक इराक में बने रहे।
2024 वापसी की संधि तक इराक में अमेरिकी सैनिक तैनात रहे।
2024 की डील के तहत इराक से हट रही है अमेरिकी सेना
पेंटागन ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी, इराक के साथ 2024 में हुई उस डील की पुष्टि करती है, जिसके अंतर्गत ISIS के खिलाफ अमेरिकी नेतृत्व वाले मिशन को खत्म करना है। हालांकि, इराक से हटने के बाद ISIS ने अपनी जड़ें अफ्रीका में जमाईं। संयुक्त राष्ट्र भी इसको लेकर चिंता जाहिर कर चुका है।

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