उज्जैन | जीवाजीगंज
नगर निगम की कार्रवाई के बाद भड़का विवाद, मां-बेटों पर अश्लील गालियां, जान से मारने की धमकी का आरोप
हरसिद्धि मंदिर समिति की दुकान नंबर 23 पर चल रहे भक्ति भंडार में बुधवार दोपहर उस समय हंगामा हो गया, जब दुकान के सामने अवैध रूप से रखी टेबल हटाने को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि नगर निगम की टीम द्वारा टेबल हटाए जाने के बाद पड़ोसी दुकानदार ने दोबारा टेबल लगा दी, जिसकी शिकायत करने पर वह अपने दो बेटों के साथ दुकान पर आ धमका और मां-बेटी के साथ गाली-गलौज व मारपीट की।
फरियादिया के अनुसार, 7 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1 बजे वह अपनी मां राधाबाई के साथ दुकान पर मौजूद थी। इसी दौरान नगर निगम उज्जैन की टीम ने दुकान के सामने रखी यशपाल सिंह की टेबल हटाई। निगम टीम के जाने के बाद यशपाल सिंह ने फिर से टेबल लगा दी। जब इस बात की सूचना देने पीड़िता की मां निगम टीम के पास गईं, तो इससे नाराज होकर यशपाल सिंह अपने बेटों मोटी और सोनू के साथ दुकान पर पहुंचा।
आरोप है कि तीनों ने राधाबाई को मां-बहन की अश्लील गालियां दीं। विरोध करने पर यशपाल सिंह ने बुजुर्ग महिला के साथ थप्पड़ और मुक्कों से मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंची बेटी के साथ भी तीनों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। मारपीट में राधाबाई के दाहिने हाथ, गाल और सिर में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं।
पीड़िता का कहना है कि जाते समय तीनों आरोपियों ने धमकी दी कि अगर थाने में रिपोर्ट की तो जान से खत्म कर देंगे। घायल राधाबाई को सरकारी अस्पताल चरक भवन उज्जैन में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद पीड़िता थाने पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मंदिर परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर दिनदहाड़े हुई इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और स्थानीय लोगों ने भी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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