सिवान जिले के आन्दर अंचल क्षेत्र के हकामा हता गांव में भूमि विवाद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। खाता संख्या 65 और खेसरा संख्या 878 की विवादित जमीन को लेकर एक पक्ष ने अंचल अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि अंचल कार्यालय ने पहले मामले को न्यायालय से संबंधित बताते हुए किसी प्रकार का निर्णय लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में विपक्षी पक्ष को कथित रूप से निर्माण कार्य की अनुमति दे दी गई।
जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर पहले ही अंचल कार्यालय में लिखित शिकायत दी गई थी। इसके अलावा संबंधित थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। अंचल कार्यालय द्वारा दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर 16 मई 2026 को जनता दरबार में बुलाया गया था। वहां मौजूद अधिकारियों ने कथित रूप से कहा था कि मामला न्यायालय के विचाराधीन है और अंतिम निर्णय कोर्ट द्वारा ही लिया जाएगा। साथ ही दोनों पक्षों को सिवान न्यायालय जाने की सलाह भी दी गई थी।
आरोप है कि जनता दरबार में न्यायालय का मामला बताने के बावजूद 18 मई 2026 को विपक्षी पक्ष ने विवादित जमीन पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उस दौरान विपक्षी पक्ष ने पुलिस को अंचल कार्यालय से प्राप्त एक लिखित आदेश या पत्र दिखाया और कहा कि उन्हें निर्माण कराने की अनुमति दी गई है।
इसी बात को लेकर अब पीड़ित पक्ष ने अंचल अधिकारी से कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब स्वयं अंचल कार्यालय ने मामले को न्यायालय से जुड़ा बताया था तो फिर निर्माण कार्य की अनुमति किस आधार पर दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के विरोधाभासी आदेश से क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और भविष्य में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होने की आशंका है।
पीड़ित पक्ष ने अंचल अधिकारी को दिए गए आवेदन में विपक्षी पक्ष को जारी कथित आदेश या अनुमति पत्र की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया है कि न्यायालय का मामला बताए जाने के बावजूद निर्माण की अनुमति क्यों और किस नियम के तहत दी गई। इसके अलावा विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की भी मांग की गई है।
अब इस पूरे मामले में अंचल प्रशासन की ओर से क्या जवाब आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं गांव में जमीन विवाद को लेकर लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है। यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं हुआ तो यह विवाद और अधिक गहरा सकता है।

