दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले के शाहबाद डेयरी इलाके में पुरानी रंजिश को लेकर एक परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता नजरुल और उनकी पत्नी जूली परवीन की ओर से दी गई अलग अलग शिकायतों में जान से मारने की धमकी, गाली गलौज, रास्ता रोकने, मारपीट और घर पर पथराव किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतों के अनुसार परिवार पिछले कई महीनों से भय के माहौल में रह रहा है।
पुलिस उपायुक्त बाहरी उत्तरी जिला को 23 मई 2026 को दी गई शिकायत में नजरुल ने बताया कि उनके खिलाफ वर्ष 2025 में एफआईआर संख्या 730 दर्ज हुई थी। शिकायत के मुताबिक इस मामले में वह तीन महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहे और कानूनी प्रक्रिया के तहत बाहर आने के बाद अपने घर लौटे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जेल से वापस आने के बाद पुरानी रंजिश को लेकर विरोधी पक्ष के लोगों ने उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि 20 मई 2026 को दोपहर करीब दो बजे 20 से 25 लोगों को इकट्ठा किया गया और उनके घर को चारों तरफ से घेर लिया गया। इसके बाद घर पर पत्थरबाजी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
नजरुल ने अपनी शिकायत में चांद, मन्नू, विक्की, संतोष, सूरज, जेनाब, रुकैया और फहीम समेत कई लोगों को घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बाहर मौजूद लोगों की संख्या अधिक होने के कारण वह अपने घर से बाहर नहीं निकल पा रहे थे और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था।
शिकायत के मुताबिक हालात बिगड़ने पर पीड़ित ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पीसीआर के मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस सुरक्षा में वह वहां से निकल सके। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बावजूद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और परिवार को घर से बेदखल करने तथा जान से मारने की बातें कही जा रही हैं।
इस मामले में जूली परवीन की ओर से भी पुलिस को शिकायतें दी गई हैं। 10 मई 2026 की शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि पति की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर कुछ लोग उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां दे रहे हैं। जूली का दावा है कि गाली गलौज और धमकियों की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है और वह इसे पुलिस के सामने साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।
जूली ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि उनके पति के कुछ परिचित सामान लेने के लिए घर आए थे, जिन्हें घर के बाहर घेरकर मारपीट की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार डर के कारण संबंधित व्यक्ति सामने आने से बच रहा है।
इससे पहले 24 अप्रैल 2026 को शाहबाद डेयरी थाने में दी गई शिकायत में भी जूली परवीन ने चांद, विक्की, संतोष और सूरज पर गाली गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने कथित तौर पर उनके पति को जेल से बाहर आने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
परिवार का कहना है कि लगातार शिकायतें देने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुरक्षा नहीं मिल सकी। उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपियों के हौसले बढ़ते गए। अब परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने, नामजद और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की जांच करने तथा परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की मांग की है। साथ ही घर पर कथित पथराव, धमकी और रास्ता रोकने की घटनाओं से जुड़े साक्ष्यों को जांच में शामिल करने का अनुरोध किया गया है।

