पंचकूला, 6 सितंबर। सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-10 पंचकूला के पावन प्रांगण में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा के छठे दिन कथा व्यास स्वामी डॉ. अमृता दीदी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिक भाव के साथ भगवान की लीलाओं का आनंद लिया।
स्वामी डॉ. अमृता दीदी जी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी दिव्य लीलाओं के माध्यम से ब्रह्मा जी की बुद्धि से मोह का नाश किया। उन्होंने अघासुर दैत्य के वध के बाद श्रीकृष्ण के गोप सखाओं के साथ वन विहार और सहभोज की लीला का वर्णन किया। इस दौरान ब्रह्मा जी यह देखने पहुंचे कि साधारण बालक के रूप में दिखाई देने वाले श्रीकृष्ण किस प्रकार असुरों का संहार कर रहे हैं।
कथा के अनुसार, ब्रह्मा जी श्रीकृष्ण के गोप सखाओं और बछड़ों को अपने साथ ले गए। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी योगमाया से सभी बालकों और बछड़ों के अनेक स्वरूप धारण कर लिए और एक वर्ष तक उसी रूप में ब्रज में लीला करते रहे। जब ब्रह्मा जी ने यह दिव्य लीला देखी तो उनकी बुद्धि चकरा गई। उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का बोध हुआ और उन्होंने भगवान से क्षमा याचना करते हुए उनकी स्तुति की।
कथा में गोवर्धन लीला का भी विस्तार से वर्णन किया गया। बताया गया कि देवराज इंद्र ने भगवान बाल कृष्ण की शक्ति की परीक्षा लेने के लिए ब्रज में भारी वर्षा कर दी। ब्रजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली पर उठाकर सात दिन और सात रात तक धारण किया। इसी दिव्य लीला के कारण भगवान श्रीकृष्ण को गिरिराज धरण के नाम से भी जाना जाने लगा।
इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला का वर्णन करते हुए बताया गया कि ब्रज की गोपियों ने भगवान को प्राप्त करने के लिए व्रत एवं साधना की। शरद पूर्णिमा की पावन रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण ने अनेक स्वरूप धारण कर गोपियों के साथ महारास किया। कथा के दौरान इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति और प्रेम के भाव से भर दिया।
कथा के अंत में देवी रुक्मिणी के साथ भगवान श्रीकृष्ण के विवाह की दिव्य लीला का वर्णन किया गया। श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लेते हुए अपने मन में भगवान के प्रति भक्ति को और दृढ़ करने का संकल्प लिया। पूरे कथा पंडाल में जय श्री राधे के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर मीडिया के माध्यम से धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन की खबरों को प्रमुखता से जन-जन तक पहुंचाने के लिए ई खबर मीडिया के हरियाणा स्टेट हेड देव दर्शन शर्मा को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने उनके पत्रकारिता क्षेत्र में योगदान की सराहना करते हुए सम्मान प्रदान किया।
मंदिर सभा की ओर से श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया कि कथा वाचन एवं श्रवण का आनंद लेने तथा पुण्य के भागी बनने के लिए सभी सपरिवार कार्यक्रम में पहुंचकर आयोजन की शोभा बढ़ाएं। कथा के पश्चात मंदिर सभा द्वारा शाम 7:30 बजे से प्रभु इच्छा तक भंडारे रूपी प्रसाद की व्यवस्था की गई है
ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा स्टेट हेड देव दर्शन शर्मा की रिपोर्ट


