शादी के बाद भी नहीं थम रहा उत्पीड़न; चाचा और बुआ के बेटों पर गुंडों के साथ घर पहुंचकर धमकाने का आरोप, दो महीने के मासूम बच्चे के साथ दहशत में परिवार
सिवान, बिहार। बिहार के सिवान जिले से एक महिला के उत्पीड़न और परिवार की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। रोहड़ा कला, रोहरा, कैलगढ़, बरहरिया निवासी मुस्कान कुमारी ने अपने मायके पक्ष के कुछ रिश्तेदारों पर लंबे समय से प्रताड़ित करने, घर पर गुंडों को लेकर पहुंचने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मुस्कान का कहना है कि उनके पिता का निधन हो चुका है और पिता के नहीं रहने के बाद से ही उन्हें मायके पक्ष के कुछ लोगों की ओर से लगातार परेशान किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बचपन से शुरू हुआ उत्पीड़न शादी के बाद भी खत्म नहीं हुआ, बल्कि अब उनकी वैवाहिक जिंदगी और परिवार की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गया है।
मुस्कान कुमारी के मुताबिक, उनके पिता के निधन के बाद से ही उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया। वह बचपन से ही मानसिक प्रताड़ना और परेशानियों का सामना करती आ रही हैं। उनका कहना है कि पिता के नहीं रहने के कारण परिवार में उनकी स्थिति कमजोर हो गई और इसी बात का फायदा उठाकर मायके पक्ष के कुछ रिश्तेदार उन्हें लगातार परेशान करते रहे। मुस्कान का आरोप है कि उनकी मां भी इस पूरे मामले में खुलकर कुछ नहीं बोलती हैं, जिसके कारण उन्हें लंबे समय से अकेले ही इन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुस्कान ने अपने चाचा सुधीर सिंह और अनिल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ये दोनों अक्सर उनके घर आते हैं और अपने साथ कई लड़कों तथा कथित गुंडों को लेकर पहुंचते हैं। आरोप है कि घर पहुंचकर उन्हें और उनके पति को डराया-धमकाया जाता है तथा जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं। मुस्कान का कहना है कि उनके चाचा की ओर से की जा रही कथित हरकतों के कारण वह और उनका परिवार हमेशा डर के माहौल में रहने को मजबूर हैं।
पीड़िता ने अपनी बुआ के बेटे विकेश और संजीव पर भी परेशान करने और धमकियां देने के आरोप लगाए हैं। मुस्कान के अनुसार, ये लोग भी अपने साथ अन्य लड़कों को लेकर उनके घर पहुंचते हैं और परिवार को डराने का प्रयास करते हैं। उनका आरोप है कि इन लोगों के आने-जाने और धमकियों का सिलसिला लगातार बना हुआ है। घर पर कई लोगों को लेकर पहुंचने से उन्हें अपनी और अपने पति की जान का खतरा महसूस होता है।
मुस्कान कुमारी की शादी को अभी महज 18 महीने हुए हैं। उनका दो महीने का एक मासूम बच्चा भी है। पीड़िता का कहना है कि वह अपने पति और बच्चे के साथ शांतिपूर्वक वैवाहिक जीवन बिताना चाहती हैं, लेकिन मायके पक्ष के कुछ रिश्तेदारों की कथित धमकियों ने उनकी जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। उनका आरोप है कि कई बार लोग बंदूक लेकर भी उनके घर पहुंचे और उन्हें तथा उनके पति को जान से मारने की धमकी दी। ऐसे में घर में मौजूद दो महीने के बच्चे की सुरक्षा को लेकर भी वह बेहद चिंतित हैं।
पीड़िता के अनुसार, यह कोई एक दिन का विवाद नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रही परेशानी है। उनका कहना है कि रोज-रोज की धमकियों और घर पर लोगों के पहुंचने के कारण परिवार मानसिक तनाव में जी रहा है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर वह किसके पास जाएं और अपनी सुरक्षा के लिए किससे मदद मांगें। मुस्कान का कहना है कि शादी के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उनकी जिंदगी में शांति आएगी, लेकिन पुराने विवाद और कथित प्रताड़ना का सिलसिला अब भी जारी है।
मुस्कान ने बताया कि इस मामले में दिसंबर महीने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि पहले दर्ज कराई गई शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की गई होती तो शायद आज उन्हें और उनके परिवार को इस तरह की परिस्थितियों से नहीं गुजरना पड़ता। पीड़िता अब पुलिस प्रशासन से सवाल कर रही हैं कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी कथित रूप से धमकियां देने और घर पर लोगों को लेकर पहुंचने का सिलसिला क्यों नहीं रुक रहा है।
मुस्कान कुमारी ने पुलिस प्रशासन और जिला अधिकारियों से मांग की है कि उनके चाचा सुधीर सिंह, अनिल सिंह तथा बुआ के बेटों विकेश और संजीव के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। घर पर कथित तौर पर गुंडों को लेकर पहुंचने, बंदूक दिखाकर धमकाने और जान से मारने की धमकियों के मामले को गंभीरता से लिया जाए। साथ ही दिसंबर में दर्ज एफआईआर की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और मुस्कान, उनके पति तथा दो महीने के मासूम बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
बचपन से कथित प्रताड़ना झेल रही महिला को अब न्याय और सुरक्षा की दरकार
मुस्कान कुमारी की आपबीती कई गंभीर सवाल खड़े करती है। पिता के निधन के बाद से कथित तौर पर शुरू हुई परेशानियां शादी के बाद भी समाप्त नहीं हुईं। आज एक महिला अपने पति और दो महीने के बच्चे के साथ सुरक्षित जीवन जीने के लिए पुलिस प्रशासन से गुहार लगा रही है। अब देखना होगा कि सिवान पुलिस प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेता है और पीड़ित परिवार को कब तक सुरक्षा तथा न्याय मिल पाता है।
पता: आत्मजा स्वर्गीय मनोज सिंह, रोहड़ा कला, रोहरा, कैलगढ़, बरहरिया, जिला सिवान, बिहार, पिन कोड 841438।

