नई दिल्ली/इंदौर
दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मध्य प्रदेश के इंदौर की एक छात्रा के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है। परिजनों ने दावा किया है कि बेटी ने घर लौटने की बात कहने के कुछ घंटों बाद ही अपना मोबाइल बंद कर लिया और तब से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं, छात्रा के बैंक खाते से एक महिला के खाते में हजारों रुपये ट्रांसफर होने का मामला भी सामने आया है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप दिल्ली पुलिस पर लगाया गया है। छात्रा की मां ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने न केवल उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, बल्कि मदद मांगने पर उन्हें थाने से भगा दिया गया।
जानकारी के अनुसार इंदौर निवासी कुमारी ऐश्वनी डावर दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ गर्ल्स पीजी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन कर बताया कि उनका कोर्स समाप्त हो गया है और अब वह घर लौटना चाहती हैं। छात्रा ने परिजनों को दिल्ली आने के लिए कहा और बताया कि वह मुखर्जी नगर इलाके में किराए के मकान में रह रही है।
हालांकि परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने पूरा पता पूछा तो छात्रा ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। 4 जून 2026 की सुबह हुई बातचीत के बाद अचानक उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। इसके बाद से न तो किसी कॉल का जवाब मिला और न ही कोई अन्य संपर्क हो पाया।
परिजनों ने जब बैंक खाते की जानकारी निकलवाई तो पता चला कि 4 जून को छात्रा के खाते से एक साथ हजारों रुपये किसी मानसी नामक महिला के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। इस जानकारी के बाद परिवार को किसी बड़ी साजिश या अनहोनी की आशंका सताने लगी।
घबराए परिजन तुरंत दिल्ली पहुंचे और मुखर्जी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस ने छात्रा की लोकेशन ट्रेस करने, कॉल डिटेल निकालने या मामले की गंभीरता को समझने से साफ इनकार कर दिया।
शिकायत में कहा गया है कि परिजन पूरे दिन थाने में बैठे रहे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से उन्हें अपमानित करते हुए वापस अपने राज्य लौट जाने की बात कही। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने साफ शब्दों में कहा कि वे उनकी बेटी को ढूंढने में कोई मदद नहीं करेंगे।
जब स्थानीय थाने से मदद नहीं मिली तो परिजनों ने रात में आपातकालीन नंबर 100 पर भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई ठोस सहायता नहीं मिली। परिवार का कहना है कि अलग-अलग कर्मचारियों ने केवल नजदीकी थाने जाने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लिया।
अब छात्रा की मां ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और बेटी की खोजबीन शुरू करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी बेटी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की लापरवाही और निष्क्रियता की होगी।
इस पूरे मामले ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां कई दिनों से छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला है, वहीं दूसरी ओर बैंक खाते से हुए संदिग्ध लेनदेन ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
फिलहाल परिवार अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है,

