सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मणिपुर के मुख्य सचिव से राहत शिविरों में हुई 25 अप्राकृतिक मौतों (जिनमें कथित यौन उत्पीड़न की एक घटना भी शामिल है) के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
नई दिल्लीः मणिपुर हिंसा के बाद राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित लोगों की अप्राकृतिक मौतों की खबरों पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार से इन मौतों की पूरी जानकारी और जांच की स्थिति बताने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस मोहना की बेंच ने गुरुवार को मणिपुर हिंसा से जुड़े यौन हिंसा के मामलों की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। कोर्ट ने मणिपुर के मुख्य सचिव को 25 अप्राकृतिक मौतों से जुड़ी पूरी जानकारी देने को कहा है। इसमें मौत की वजह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इससे जुड़े दूसरे दस्तावेज शामिल हैं।
राहत शिविरों में सुरक्षा पर भी सवाल
कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि विस्थापित लोगों की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को पर्याप्त मेडिकल सुविधा और रोजमर्रा की जरूरी चीजें उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने उस रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया, जिसमें 8 जिलों के राहत शिविरों में 640 मौतों का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें केवल 20 मामलों में पोस्टमार्टम कराया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी पूछा कि बाकी मामलों में पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया और कुछ मामलों में केवल 20 से 30 हजार रुपये मुआवजा क्यों दिया गया?
सभी अप्राकृतिक मौतों में FIR के निर्देश
कोर्ट ने मणिपुर लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को तुरंत इस मामले को देखने का निर्देश दिया। अथॉरिटी को कहा गया कि अप्राकृतिक मौत के सभी मामलों में FIR दर्ज हो। मौत की सही वजह पता लगाई जाए। राहत शिविरों में लोगों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए। पहले से दर्ज FIR की जांच जल्द पूरी की जाए। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने मणिपुर के एडवोकेट जनरल से भी सवाल किया कि 4 जुलाई को समिति की ओर से मांगी गई 25 मौतों की जानकारी अब तक क्यों नहीं दी गई।
3,020 मामलों की जांच के लिए 42 SIT
केंद्र की ओर से पेश ASG ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि 8 जिलों में 42 SIT बनाई गई हैं। ये टीमें कुल 3,020 मामलों की जांच कर रही हैं। स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, 302 मामलों में चार्जशीट दाखिल हुई। 1,583 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल हुई। 1,135 मामले अभी जांच में हैं। 33 मामलों में ट्रायल शुरू हो चुका है। CBI 31 मामलों की जांच कर रही है। CBI से जुड़े मामलों पर कोर्ट को बताया गया कि एजेंसी 31 मामलों की जांच कर रही है। इनमें 28 मामलों में चार्जशीट और 6 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। 3 मामले अभी जांच में हैं। चार्जशीट वाले मामलों में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इन मामलों में 978 गवाहों के नाम दिए गए हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ 6 गवाहों की गवाही हुई है। इन मामलों में 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उस PIL पर सुनवाई को तैयार हो गया है, जिसमें चुनावी घोषणापत्र के वादों पर राजनीतिक दलों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।

