मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, डीप डिप्रेशन को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट

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मौसम विभाग ने बताया है कि तेलंगाना और महाराष्ट्र में शुक्रवार को भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, मध्य प्रदेश और गुजरात में आने वाले दिनों मूसलाधार बारिश होने की संभावना है, क्योंकि डीप डिप्रेशन गुजरात की तरफ बढ़ रहा है।
भारतीय मौसम विभाग ने तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के अनुसार डीप डिप्रेशन पश्चिम मध्य छत्तीसगढ़ के पास देखा जा रहा है। यह पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश, गुजरात तक पहुंच सकता है। इस वजह से इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। शुक्रवार को विदर्भ, उत्तरी तेलंगाना, दक्षिणी पूर्वी मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और उसके आसपास भारी बारिश की संभावना है। असम में पहले ही बाढ़ से कई लोग प्रभावित हैं।

मध्य महाराष्ट्र और गुजरात के आसपास शनिवार से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए डिप्रेशन में बदल सकता है। आने वाले 12 घंटे में और उसके बाद ये पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में गति करते हुए दक्षिणी मध्य प्रदेश, विदर्भ से होते हुए डिप्रेशन के रूप में आने वाले 24 घंटे में मूव करता रहेगा। आने वाले 24 घंटे में तेलंगाना, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

राजस्थान में भी भारी बारिश का अलर्ट
पश्चिम मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के साथ-साथ कर्नाटक और केरल में मूसलाधार बारिश हो सकती है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, सिक्किम में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात में 30 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हो सकती है।

ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ का अलर्ट
ओडिशा के खुर्दा, कटक, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में बाढ़ को लेकर प्रशासन तैयारी कर रहा है। रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट मिनिस्टर सुरेश पुजारी ने गुरुवार को कहा कि कटक के पास मुंडाली में लगभग 9 लाख क्यूसेक पानी बह रहा है। इससे महानदी के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ आ सकती है। पुजारी ने कहा, “कटक के अथागढ़ और बडम्बा इलाके में बाढ़ का पानी घुसने की खबरें हैं, और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को लोगों को निकालने और रेस्क्यू टीमों को तैनात करने के लिए कहा गया है।” वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप कुमार राउत ने कहा कि अगले 36 घंटे बहुत जरूरी होंगे, क्योंकि महानदी में बाढ़ का पानी सबसे ज़्यादा निकलने की उम्मीद है। राउत ने कहा कि महानदी नदी सिस्टम में 8 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी का बहाव “मीडियम बाढ़” माना जाता है।

बाढ़ से तीन लोगों की मौत
पुजारी ने कहा कि बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। राउत ने कहा कि खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में महानदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे तटबंधों की सुरक्षा के लिए कमजोर इलाकों में कर्मचारियों को तैनात किया गया है। हालांकि, राउत ने कहा कि मुंडाली बैराज ने पहले 10-12 लाख क्यूसेक का डिस्चार्ज संभाला है। अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार शाम तक मुंडाली में डिस्चार्ज 9 लाख क्यूसेक को पार करने की उम्मीद है, जिससे बाढ़ का पानी महानदी और उसकी सहायक नदियों में फैलने की संभावना है, जिनमें लूना, करंदिया, चित्रोत्पला, पाइका, सलिया, देवी, कंडाला, कुआखाई, कुशाभद्रा, दया और भार्गवी नदियां शामिल हैं।

बाढ़ से 7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
स्पेशल रिलीफ कमिश्नर राजेश प्रभाकर पति ने महानदी डेल्टा क्षेत्र के जिलों के कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रखा है और इलाके के सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है। बाढ़ से ओडिशा के 30 में से 20 जिलों में 7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। लगभग 1.90 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया और 520 राहत कैंपों में पनाह दी गई। बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में 21 गांव अभी भी फंसे हुए हैं, और 1,352 घरों को नुकसान पहुंचने की खबर है।

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