फिरोजाबाद। तहसील टूंडला के थाना नारखी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गाड़ी सिधारी, पोस्ट हुसैनपुर में वर्षों से चली आ रही नाली की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है। गांव की गलियों में नालियों का पानी भरा रहने से ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत से शिकायत की, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार गांव की नालियां या तो पूरी तरह जाम हैं या फिर उनकी सफाई और मरम्मत समय पर नहीं कराई जाती। परिणामस्वरूप बरसात हो या सामान्य दिन, गलियों में गंदा पानी जमा रहता है। कई स्थानों पर जलभराव इतना अधिक है कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। बच्चों को स्कूल आने-जाने के दौरान गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके कपड़े और जूते खराब हो जाते हैं तथा दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
गांव के लोगों ने बताया कि लगातार जलभराव के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। गंदे पानी में मच्छरों के पनपने से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार आवेदन देकर नाली निर्माण और सफाई की मांग की, लेकिन उनकी शिकायतें कागजों तक ही सीमित रह गईं। गांव के लोगों में प्रशासन और पंचायत व्यवस्था के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे और आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, संबंधित विभागीय अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि गांव का तत्काल निरीक्षण कराकर नालियों की सफाई, मरम्मत और आवश्यकतानुसार नई नालियों का निर्माण कराया जाए, ताकि जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके और ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सके।
अब देखना यह होगा कि वर्षों से बदहाल व्यवस्था का शिकार बने गाड़ी सिधारी गांव के लोगों की पुकार प्रशासन तक कब पहुंचती है और आखिर कब इस गंभीर समस्या का समाधान हो पाता है। फिलहाल गंदे पानी और जलभराव के बीच ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किलों के सहारे गुजर रही है।

