कानपुर। शिवराजपुर क्षेत्र में एक निजी स्कूल के शिक्षक पर 16 वर्षीय छात्र के साथ मारपीट करने और उसे डराने-धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद छात्र इतना डर गया कि उसने घर पहुंचकर किसी को कुछ नहीं बताया। बाद में मेडिकल जांच कराए जाने पर शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान सामने आने की बात परिजनों ने कही। परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से छात्र मानसिक रूप से भी परेशान है और लगातार भय के माहौल में रह रहा है।
परिजनों के अनुसार आकाश पाल उम्र 16 वर्ष बीएमए इंटरनेशनल स्कूल, शिवराजपुर में कक्षा 11 में पढ़ता है। बताया गया है कि वह कक्षा 4 से इसी स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहा है। परिवार का आरोप है कि स्कूल में एक शिक्षक ने आकाश के साथ मारपीट की और उसे घटना के बारे में घर पर बताने पर डराया धमकाया। इसी डर के कारण आकाश ने कथित घटना के बारे में अपने परिवार को तत्काल कोई जानकारी नहीं दी।
परिजनों का कहना है कि जब बाद में छात्र की मेडिकल जांच कराई गई तो उसके शरीर के कई हिस्सों में चोट आने की जानकारी सामने आई। परिवार के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट में चोटों का उल्लेख होने के बाद उन्हें पूरे मामले की गंभीरता का पता चला। परिजनों का आरोप है कि मारपीट की घटना के बाद से आकाश काफी डरा और सहमा हुआ है तथा उसके व्यवहार और मानसिक स्थिति पर भी इसका असर पड़ा है।
आकाश के पिता महेश पाल बताए जा रहे हैं। परिवार के अनुसार महेश पाल स्वयं कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं और उनकी आवाज भी स्पष्ट रूप से नहीं निकल पाती। परिजनों का कहना है कि ऐसी स्थिति में बच्चे के साथ कथित मारपीट और धमकी की घटना ने पूरे परिवार की परेशानी बढ़ा दी है। पिता जब स्कूल में मामले को लेकर बात करने जाते हैं तो आरोप है कि कक्षा की शिक्षिका उनके साथ ठीक तरीके से बातचीत नहीं करतीं।
परिवार का कहना है कि आकाश लंबे समय से इसी स्कूल में पढ़ रहा है और उसने कभी ऐसी स्थिति की शिकायत नहीं की थी। कथित घटना के बाद उसके डर और व्यवहार में बदलाव देखकर परिवार ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें चोटों की जानकारी मिलने की बात कही जा रही है।
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि छात्र के साथ वास्तव में मारपीट हुई है तो जिम्मेदार शिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। परिवार यह भी चाहता है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट व्यवस्था हो, ताकि किसी छात्र के साथ मारपीट या धमकी जैसी घटना दोबारा न हो।
परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से आकाश काफी भयभीत है। परिजनों के मुताबिक बच्चा स्कूल जाने को लेकर भी मानसिक दबाव में है। परिवार का कहना है कि वह अपने बच्चे को न्याय दिलाने के लिए मेडिकल रिपोर्ट समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत करने की तैयारी में है।
फिलहाल शिक्षक पर लगाए गए मारपीट और धमकी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। परिवार ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग की है।

