बिहार के गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है। आरती नाम की महिला ने अपने पति भोला कुमार पर बिना तलाक दिए दूसरी शादी करने, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने तथा बुनियादी जरूरतों से भी वंचित रखने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसने करीब 9 वर्ष पहले अपनी पसंद से भोला कुमार से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों का वैवाहिक जीवन कुछ समय तक सामान्य रहा, लेकिन बाद में परिस्थितियां लगातार बिगड़ती चली गईं।
आरती के अनुसार उनकी तबीयत लंबे समय से खराब रहती थी, लेकिन पति ने कभी उनका समुचित इलाज नहीं कराया। इसी बीच भोला कुमार करीब छह वर्षों से घर से बाहर रह रहे थे। इस दौरान उन्होंने कथित रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी निशा नाम की महिला से दूसरी शादी कर ली। आरती का आरोप है कि इस रिश्ते से एक बच्चा भी है और अब भोला कुमार दूसरी पत्नी को अपने घर ले आए हैं, जबकि आरती से उनका वैवाहिक संबंध अभी भी कानूनी रूप से समाप्त नहीं हुआ है।
पीड़िता का कहना है कि दूसरी पत्नी के घर आने के बाद उनकी परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं। उनका आरोप है कि दूसरी पत्नी उन्हें खाना तक नहीं खाने देती, हाथ से भोजन छीन लेती है और रसोई में खाना बनाने तक से रोकती है। इससे उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। आरती का कहना है कि बीमारी के बावजूद उनका इलाज नहीं कराया जा रहा और उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
आरती ने बताया कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते वह कुछ समय तक अपने मायके में भी रहीं। परिवार और समाज के लोगों की समझाइश के बाद भोला कुमार उन्हें दोबारा ससुराल लेकर आए, लेकिन कुछ ही समय बाद दूसरी पत्नी को भी घर में रख लिया गया। इसके बाद से उनका जीवन और अधिक कठिन हो गया है।
महिला का आरोप है कि जब उनके मायके वाले हालचाल जानने पहुंचे तो उनके साथ भी गाली-गलौज की गई। विवाद बढ़ने पर 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया, लेकिन आरती का कहना है कि इसके बाद से उन्हें पहले से अधिक प्रताड़ित किया जाने लगा।
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने गुरुआ थाना में भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा और उनकी सुरक्षा तथा जीवन दोनों खतरे में हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, अपने वैवाहिक अधिकारों की रक्षा करने तथा सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराने की मांग की है।
वहीं, इस मामले में पुलिस या दूसरे पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायतों की सत्यता की पुष्टि संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं किया गया तो विवाद और गंभीर रूप ले सकता है।

