नई दिल्ली। शादी के करीब चार महीने बाद एक युवती के अचानक लापता होने से परिवार परेशान है। मामला दिल्ली के शालीमार बाग इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है। लापता युवती की पहचान कविता के रूप में बताई गई है। उसके पिता मनका का कहना है कि 29 सितंबर 2026 की रात उन्हें जानकारी मिली कि उनकी बेटी 5 से 6 बजे के बीच घर से चली गई है। इसके बाद से परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा है, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल सका है।
परिवार के अनुसार कविता की शादी 9 मई 2025 को अजय के साथ हुई थी। पिता का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद से ससुराल पक्ष की ओर से बेटी को परेशान किए जाने की शिकायतें मिलने लगी थीं। पिता के मुताबिक पहली विदाई के दौरान जब कविता मायके आई तो उसके शरीर पर चोट के निशान और शादी के समय दिए गए जेवरात नहीं दिखाई दिए। परिवार ने जब बेटी से इस बारे में पूछा तो उसने कथित तौर पर ससुराल में उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना किए जाने की बात बताई।
परिजनों का दावा है कि कविता की तबीयत भी कई बार खराब हुई। परिवार का आरोप है कि जब उसकी हालत ज्यादा खराब हुई तो उसे कथित तौर पर लोगों की मदद से साईं काले खां इलाके में छोड़ दिया गया और उसके पिता को फोन कर वहां से बेटी को ले जाने के लिए कहा गया। इसके बाद कविता के पिता वहां पहुंचे और बेटी को अपने साथ ले आए।
परिवार के मुताबिक इसके बाद अजय की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया कि वह कविता को अपने साथ नहीं रखना चाहता। परिजनों का कहना है कि करीब पांच महीने तक दोनों के बीच विवाद और दूरी बनी रही। इस दौरान परिवार ने बेटी की स्थिति सुधारने और वैवाहिक संबंध बचाने की कोशिश की। पिता का कहना है कि बाद में दवा और इलाज आदि की जरूरतों में भी परिवार ने अपनी तरफ से मदद की।
परिजनों के अनुसार राखी के त्योहार के दौरान भी कविता के मायके वालों ने अजय और उसके परिवार से काफी आग्रह किया कि वह कुछ समय के लिए कविता को अपने साथ ले जाएं, लेकिन कथित तौर पर उन्होंने मना कर दिया। परिवार का कहना है कि इसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत और विवाद का सिलसिला चलता रहा।
अब 29 सितंबर की रात करीब 12 बजे के आसपास कविता के परिवार को अजय की ओर से फोन कर बताया गया कि कविता शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच घर से चली गई है। यह जानकारी मिलते ही परिवार के लोग परेशान हो गए और कविता की तलाश शुरू कर दी। परिजनों के मुताबिक उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि कविता आखिर किस दिशा में गई और वह कहां हो सकती है।
परिवार का आरोप है कि 30 सितंबर को जब वे शालीमार बाग थाने पहुंचे तो वहां अजय के भाई और कोमल सहित कुछ लोगों से उनकी बातचीत हुई। परिजनों का दावा है कि थाने के बाहर उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और उन्हें यह कहकर धमकाने की कोशिश की गई कि “हमने बेच दिया है, तुम्हें जो करना है कर लो।” हालांकि इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दूसरे पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।
कविता के पिता मनका का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी चिंता बेटी की सुरक्षा को लेकर है। परिवार का कहना है कि यदि कविता किसी परेशानी में है तो उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए और उसके परिवार से संपर्क कराया जाए। परिजनों ने पुलिस से मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, आसपास के सीसीटीवी कैमरों और संभावित रास्तों की जांच करने की मांग की है।
परिवार ने पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लिया जाए। परिजनों का कहना है कि कविता की गुमशुदगी के पीछे क्या कारण है, वह आखिरी बार कहां थी और उसके साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकती है। फिलहाल परिवार हर संभावित स्थान पर उसकी तलाश कर रहा है।
परिवार की ओर से कविता की जानकारी मिलने पर 7303303279 और 8595755941 नंबरों पर संपर्क करने की अपील की गई है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी जहां भी हो, सुरक्षित हो और पुलिस जल्द से जल्द उसका पता लगाकर परिवार से मिलाए।
इस पूरे मामले में विवाह के बाद कथित प्रताड़ना, युवती के ससुराल से अलग होने और अब अचानक लापता होने की घटनाओं को जोड़कर परिवार कई सवाल उठा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। कविता के मिलने और पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पीड़ित परिवार बेहद परेशान है और प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठा है कि कविता को सुरक्षित तलाशने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी। परिवार की सबसे बड़ी मांग यही है कि उनकी बेटी का पता लगाया जाए और यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

