ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण पूर्व स्थित विठ्ठलवाड़ी और शिळफाटा क्षेत्र से घरेलू विवाद और महिला प्रताड़ना का मामला सामने आया है। रुकसार मुस्तफा चौधरी नाम की महिला ने अपने पति मुस्तफा चौधरी और ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, आर्थिक सहयोग नहीं देने और चरित्र पर संदेह करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसकी शादी 13 जनवरी 2010 को मुस्तफा चौधरी के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। उसके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटे और एक बेटी शामिल हैं। महिला के अनुसार शादी के शुरुआती समय से ही पति उसे पसंद नहीं करने की बात कहकर विवाद करते और कई बार मारपीट तथा गाली-गलौज करते रहे।
रुकसार के अनुसार पति के व्यवहार से परेशान होकर वह करीब दो वर्ष तक अपने मायके में रही थी। इस दौरान उसके माता-पिता ने उत्तर प्रदेश में दांपत्य जीवन बहाल कराने के लिए न्यायालय में मामला किया था। महिला का कहना है कि न्यायालय में पति और ससुराल पक्ष ने उसे भविष्य में परेशान नहीं करने और ठीक से रखने की बात कही थी, जिसके बाद वह दोबारा पति के साथ रहने के लिए महाराष्ट्र आ गई। उसका दावा है कि कुछ समय तक स्थिति ठीक रही, लेकिन बाद में कथित रूप से फिर से विवाद और प्रताड़ना शुरू हो गई।
महिला ने अपने बयान में यह भी कहा है कि पति उसकी बेटी के साथ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे और उसकी बहन की 15 वर्षीय बेटी के साथ शादी कराने के लिए उस पर दबाव डालते थे। शिकायत के अनुसार पति ने कथित रूप से कहा कि यदि वह अपनी बहन की बेटी सदफ के साथ शादी करा देगी, तभी उसे ठीक से रखा जाएगा। इन बातों को लेकर महिला ने मानसिक दबाव बनाए जाने की बात कही है।
रुकसार के अनुसार करीब तीन वर्ष पहले वह पति और बच्चों के साथ दहिसर मोरी, शिळफाटा, मुंब्रा क्षेत्र में रह रही थी। पति ने वहां एक कंपनी में करीब एक सप्ताह काम किया और बाद में विठ्ठलवाड़ी, उल्हासनगर चला गया। बच्चों की पढ़ाई के कारण रुकसार को दहिसर मोरी में ही रहना पड़ा। महिला का कहना है कि उस समय पति ने हर सप्ताह घर के खर्च के लिए पैसे देने और बच्चों से मिलने आने की बात कही थी, लेकिन उसके अनुसार नियमित आर्थिक मदद नहीं मिली। हालात इतने खराब हो गए कि खाने-पीने के लिए पैसे नहीं होने पर वह मस्जिद के बाहर मदद मांगने गई। वहां एक मौलाना ने उसे मस्जिद ट्रस्ट से सहायता दिलाने में मदद की और उसे करीब 15 हजार रुपये मिले। महिला का आरोप है कि पति ने यह रकम लेकर काम के लिए मशीन खरीदने की बात कही और तब तक उसे चंदा मांगकर बच्चों का पालन-पोषण करने को कहा।
महिला के मुताबिक करीब एक वर्ष बाद रमजान के दौरान उसे फिर करीब 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिली, जिसे भी पति ने कथित रूप से उससे ले लिया। रुकसार का कहना है कि इस दौरान मौलाना उसके बच्चों को मुफ्त में अरबी पढ़ाने के लिए उसके घर आते थे और यह बात उसने अपने पति को भी बताई थी। बाद में महिला ने अपने और बेटी के सोने के आभूषण बेचने तथा चंदे से मिले पैसों को मिलाकर दहिसर ठाकुरपाड़ा, शिळफाटा में करीब 2.50 लाख रुपये में एक घर खरीदा।
शिकायत के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक घटना को लेकर महिला ने बताया कि मौलाना के पिता के निधन के बाद उनके घर में अधिक मेहमान आने पर मौलाना ने उसके खाली पड़े घर को करीब एक सप्ताह इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी। महिला का कहना है कि घर खाली था, इसलिए उसने अनुमति दे दी और अपने पति को भी इसकी जानकारी दी। घर का रंग खराब होने पर उसने मौलाना से पेंट कराने को कहा। पेंटिंग के बाद घर की चाबी देने के लिए मौलाना ने उसे सुबह करीब 7:30 बजे बुलाया। महिला के अनुसार वह चाबी लेने पहुंची और खाट पर बैठ गई, जबकि मौलाना बाथरूम में गए थे। इसी दौरान उसका पति और बेटी वहां पहुंचे और कथित रूप से बाहर से दरवाजे पर कुंडी लगा दी। महिला का दावा है कि उसके पति ने खिड़की से उसका और मौलाना का फोटो खींचकर ससुराल के अन्य लोगों को भेज दिया और दोनों के संबंधों पर संदेह करने लगा।
रुकसार के अनुसार पति ने दरवाजा नहीं खोला तो उसने अपनी मां और बहन को फोन किया। दोनों के आने के बाद दरवाजा खुलवाया गया। महिला के बयान के मुताबिक उसकी मां ने पति से कहा कि यदि बेटी के चरित्र को लेकर कोई संदेह है तो उसकी जांच कराई जाए और कुरान पर हाथ रखवाकर सच्चाई सामने लाई जाए। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसके पति ने उसकी मां के साथ भी कथित रूप से अश्लील भाषा में गाली-गलौज की।
महिला का कहना है कि इसके बाद उसकी सास ने उसके बच्चों को अपने पास बुलाकर कथित रूप से कहा कि अब उनका बेटा रुकसार को नहीं रखेगा और वकील के माध्यम से तलाक दिया जाएगा। जब रुकसार ने ससुराल वालों को समझाने की कोशिश की कि उसका कोई गलत संबंध नहीं है, तो उसके अनुसार पति, सास-ससुर, ननद, देवर और ननद के बड़े बेटे समेत कई लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस घटना को लेकर उसने कोळसेवाडी पुलिस स्टेशन में एनसी दर्ज कराने की बात कही है। महिला के मुताबिक पुलिस ने संबंधित ससुराल पक्ष के लोगों को थाने बुलाकर समझाइश दी थी।
रुकसार का कहना है कि इसके बाद पति उसके साथ रहने नहीं आया और उसके तथा बच्चों के खर्च के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं दिए। महिला ने फोन और मैसेज के माध्यम से कथित रूप से अश्लील गाली-गलौज किए जाने की भी शिकायत की है। उसका कहना है कि बच्चों का पेट पालने के लिए उसे दूसरों से मदद लेने और भीख मांगने तक की स्थिति का सामना करना पड़ा, जबकि उसकी बहन भी अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक मदद करती रही।
31 जुलाई 2026 को महिला ने ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय के महिला शिकायत निवारण कक्ष यानी भरोसा सेल में भी शिकायत दी थी। शिकायत में उसने पति, सास, ससुर, ननद और देवर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उसने 24 जुलाई 2026 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि घर में बच्चों से पूछा जा रहा था कि वे माता-पिता में से किसके साथ रहेंगे। जब उसने इस पर आपत्ति जताई और पहले पति को समझाने की बात कही तो कथित रूप से विवाद बढ़ गया और कई ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की। महिला के अनुसार बच्चे रो रहे थे और पड़ोसियों ने बीच-बचाव का प्रयास किया। इस घटना के संबंध में भी कोळसेवाडी पुलिस स्टेशन में एनसी दर्ज होने का उल्लेख दस्तावेज में है।
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि पति कथित रूप से शराब पीकर घर आता था और मारपीट करता था तथा घर चलाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं देता था। उसने दावा किया कि एक समय उसके पास और बच्चों के पास खाने तक के लिए पैसे नहीं थे। उसकी बहन ने करीब एक हजार रुपये और मां ने करीब 500 रुपये देकर मदद की। महिला ने यह भी बताया कि उसकी आंखों का ऑपरेशन हो चुका है और उसे कम दिखाई देता है, इसके बावजूद उसे बाहर काम करके बच्चों का पालन-पोषण करना पड़ रहा है। उसने लंबे समय से काम करके बच्चों की जिम्मेदारी उठाने की बात कही है।
10 अगस्त 2026 के एक पत्राचार में भी महिला की शिकायत का उल्लेख मिलता है। इसमें उसने ससुराल पक्ष द्वारा कथित रूप से घर से निकालने, बच्चों को परेशान करने और आर्थिक तंगी पैदा करने की शिकायत की। महिला का कहना है कि उसके बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च प्रभावित हो रहे हैं। उसने यह भी दावा किया कि बिजली के बिल का भुगतान उसके मायके पक्ष के लोग कर रहे हैं और कई बार परिवार के सहयोग के सहारे घर चलाना पड़ा।
भरोसा सेल, ठाणे शहर में 4 सितंबर 2026 को दर्ज महिला के बयान के अनुसार उसकी शिकायत पर पति-पत्नी को समुपदेशन के लिए बुलाया गया था। दस्तावेज में दर्ज है कि दोनों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया गया, लेकिन समझौता नहीं हो सका। इसके बाद महिला ने पति मुस्तफा, ससुर शहाबुद्दीन, सास तकदीरुन, ननद कैरीबुन, ननद के बड़े बेटे सैफखान और देवर समीरुल के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए उसका आवेदन कोळसेवाडी पुलिस स्टेशन भेजने की मांग की।
दस्तावेजों में कोळसेवाडी पुलिस स्टेशन से संबंधित एक एनसीआर का भी उल्लेख है, जिसमें पारिवारिक विवाद को लेकर शिकायत दर्ज होने और भारतीय न्याय संहिता की कुछ धाराओं का उल्लेख किया गया है। एनसीआर में 24 जुलाई 2026 की घटना का जिक्र है। हालांकि दस्तावेजों में नाम, उम्र और कुछ विवरण अलग-अलग जगहों पर अलग तरीके से दर्ज दिखाई देते हैं, इसलिए इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड से ही की जानी आवश्यक है।
रुकसार का कहना है कि उसने अपने पास उपलब्ध मोबाइल रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी और घटनाओं के गवाहों की जानकारी भी पुलिस के सामने रखने की बात कही है। उसका कहना है कि वह अपने चार बच्चों के साथ लंबे समय से आर्थिक और पारिवारिक संकट का सामना कर रही है और उसे तथा बच्चों को नियमित आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है। महिला ने प्रशासन और पुलिस से मामले की जांच कर सुरक्षा तथा कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार के स्तर पर नहीं हुई है। पति और ससुराल पक्ष का पक्ष इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है। शिकायतों और पुलिस दस्तावेजों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तथा तथ्यों की पुष्टि संबंधित पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।

