सरई, सिंगरौली (म.प्र.)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरई में एक बार फिर मरीज के परिजनों को कथित रूप से धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि डॉ. सौरभ कुशवाहा द्वारा मरीज के परिजनों एवं उनके सहयोगी से सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर को डिलीट करने के लिए दबाव बनाया गया तथा खबर डिलीट नहीं करने पर मरीज का इलाज नहीं करने और मरीज को कहीं अन्यत्र ले जाने की बात कही गई।
बताया जा रहा है कि 28 जुलाई 2026 की रात करीब 9 बजे एक मरीज बेहोशी की हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरई में उपचार के लिए पहुंचा था। इसी दौरान पत्रकार रमेश चंद्र जायसवाल द्वारा मामले से संबंधित एक खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई।
आरोप है कि खबर प्रसारित होने के बाद डॉक्टर सौरभ कुशवाहा ने मरीज के परिजनों एवं उनके सहयोगी से कथित तौर पर कहा कि “आप लोग मीडिया गिरी करवाते हो, अपनी पेशेंट आप ले जाओ, हम दवा नहीं कर पाएंगे।”
मरीज के परिजनों का आरोप है कि उन्हें खबर हटाने के लिए दबाव बनाया गया और इलाज प्रभावित होने की धमकी दी गई। इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
सवाल यह है:
क्या किसी मरीज के इलाज को लेकर उसके परिजनों पर खबर हटाने का दबाव बनाना उचित है?
क्या मरीज के इलाज और पत्रकारिता के बीच इस तरह का विवाद पैदा होना स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े नहीं करता?
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
सरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज के परिजनों को कथित धमकी देने का आरोप, खबर डिलीट कराने और इलाज नहीं करने की बात कहने का दावा
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