संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सीर गोबर्धन धाम में समरसता संकल्प अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामाजिक समरसता, भाईचारे और समानता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान संत गुरु रविदास महाराज के जीवन, उनके सामाजिक योगदान तथा मानवता, समानता और सद्भाव पर आधारित विचारों को विस्तार से याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने अपने जीवन के माध्यम से समाज को जाति-पांति और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर सभी को समान दृष्टि से देखने की प्रेरणा दी। आज भी उनके विचार समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता स्थापित करने की दिशा में अत्यंत प्रासंगिक हैं।
समरसता संकल्प अभियान के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित लोगों ने समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम, सद्भाव और समानता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान तथा गुरु रविदास महाराज के जीवन पर आधारित विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि गुरु रविदास महाराज के बताए मार्ग पर चलकर ही एक समरस, सशक्त और विकसित समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से भी गुरु रविदास महाराज के आदर्शों को अपनाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले लोगों ने इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का साक्षी बनना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, आस्था और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।यदि चाहें, इसे और अधिक दैनिक भास्कर की स्थानीय रिपोर्टिंग शैली में आकर्षक शीर्षक और उपशीर्षक के साथ भी तैयार कर सकता हूँ।

