नेपाल ने विदेशी मदद कभी नहीं ठुकराया, भ्रामक प्रचार ना करें, पीएम बालेन शाह ने क्या बताया

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नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा है कि नेपाल द्वारा विदेशी सहयोग अस्वीकार किए जाने का प्रचार भ्रामक है। शुक्रवार को फेसबुक पर स्टेटस लिखते हुए उन्होंने विदेशी सहयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट की। जानें उन्होंने क्या कहा?
नेपाल के पीएम का बयान
नेपाल ने विदेशी मदद नहीं ठुकराया
भ्रामक प्रचार ना करें-बालेन शाह
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा है कि नेपाल द्वारा विदेशी सहयोग अस्वीकार किए जाने का प्रचार भ्रामक है। शुक्रवार को फेसबुक पर स्टेटस लिखते हुए उन्होंने विदेशी सहयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने लिखा, “विदेशी सहयोग अस्वीकार किया गया है यह प्रचार भ्रामक है। भारत, चीन तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बचाव और राहत के लिए आवश्यक सहयोग एवं सामग्री के संबंध में लगातार समन्वय किया जा रहा है।” प्रधानमंत्री शाह ने यह भी बताया कि बचाव कार्यों में हेलिकॉप्टरों की तैनाती करते समय हवाई सुरक्षा, भौगोलिक पहुंच और वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखा जा रहा है। उन्होंने शुक्रवार को किए गए प्रमुख कार्यों और प्रगति के बारे में 20 बिंदुओं में जानकारी भी दी।
बालेन शाह ने क्या बताया

खोज एवं बचाव कार्यों में 15,431 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें नेपाल पुलिस के 4,473, नेपाली सेना के 6,755 और सशस्त्र पुलिस बल नेपाल के 4,203 जवान रसुवा तथा भोटेकोशी-त्रिशूली कॉरिडोर सहित प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
अब तक 4,451 लोगों का बचाव किया गया है। इनमें जलविद्युत सुरंग से बचाए गए 191 लोग और शुक्रवार के हवाई बचाव अभियान में निकाले गए 517 लोग भी शामिल हैं। नेपाली सेना और निजी क्षेत्र के कुल 16 हेलिकॉप्टरों के जरिए धुंचे, त्रिशूली, टिमुरे और स्याफ्रुबेँसी सहित क्षेत्रों में लगातार शटल उड़ानें संचालित की जा रही हैं। अब तक 99 हवाई उड़ानें हो चुकी हैं।
बचाव कार्य के साथ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। अब तक खाद्य और गैर-खाद्य सामग्री से भरे 32 ट्रक भेजे गए हैं। हेलिकॉप्टर से 6 उड़ानों के जरिए भी राहत सामग्री पहुंचाई गई है। प्रभावित क्षेत्रों में संचार उपकरण भी भेजे गए हैं।
सुरंगों में फंसे नागरिकों और कर्मचारियों के बचाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अपर त्रिशूली जलविद्युत परियोजना, रसुवागढ़ी जलविद्युत केंद्र तथा अन्य जोखिम वाले सुरंगों में खोज एवं बचाव जारी है। आवश्यक विशेष बचाव उपकरण भी तैनात किए गए हैं।
खोज अभियान को निचले तटीय क्षेत्रों तक विस्तारित किया गया है। रसुवा से नुवाकोट, धादिंग होते हुए गोरखा, तनहुँ, चितवन और नवलपरासी तक त्रिशूली–नारायणी नदी कॉरिडोर में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात कर लापता लोगों और शवों की तलाश जारी है।
विदेशी नागरिकों की खोज, बचाव और पहचान के लिए विशेष समन्वय किया जा रहा है। अब तक 129 विदेशी पर्यटकों/नागरिकों का बचाव एवं पहचान की जा चुकी है। विदेश मंत्रालय ने दूतावासों और परिवारों के साथ समन्वय के लिए इमरजेंसी कंट्रोल रूम संचालित किया है।
विदेशी सहयोग अस्वीकार किए जाने का प्रचार भ्रामक है। भारत, चीन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बचाव एवं राहत के लिए आवश्यक सहयोग और सामग्री को लेकर लगातार समन्वय किया जा रहा है। हेलिकॉप्टरों के इस्तेमाल में हवाई सुरक्षा, भौगोलिक पहुंच और वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखा गया है।
भोटेकोशी और निचले तटीय क्षेत्रों में दोबारा बाढ़ के खतरे की लगातार निगरानी की जा रही है। संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में पूर्व चेतावनी और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की तैयारी की गई है। जोखिम वाले क्षेत्रों के नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। 2 लाख से अधिक एसएमएस अलर्ट के जरिए पूर्व चेतावनी दी गई है।
राहत और बचाव कार्यों के प्रत्यक्ष नेतृत्व एवं समन्वय को प्रभावी बनाया गया है। गृह मंत्री स्वयं प्रभावित जिलों में मौजूद रहकर सुरक्षा निकायों, स्थानीय प्रशासन, स्थानीय निकायों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।
सड़क संपर्क बहाल करने का काम तेज किया गया है। वैकल्पिक सड़क मार्ग शुरू कर छोटे चारपहिया वाहनों का संचालन शुरू किया गया है। काठमांडू–मुग्लिन सड़क को एकतरफा यातायात के लिए चालू किया गया है।
रसुवा को फिर से सड़क नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। काठमांडू–टोखा–छहरे–गड्खार पुल–आपरे–नर्जा–लच्यांग–सरमथली–पाटीखर्क होते हुए बोगटीटार–कालिकास्थान–धुंचे तक वैकल्पिक सड़क छोटे चारपहिया वाहनों के लिए चालू हो गई है। क्षतिग्रस्त पुलों के पास बाइपास बनाने का काम शुरू किया गया है। नियमित सड़क संपर्क बहाल करने के लिए भारत से 48 मीटर लंबे 10 बैली ब्रिज उपलब्ध कराने की औपचारिक पहल की गई है।
पेयजल, ईंधन और स्वच्छता की तत्काल व्यवस्था की गई है। नुवाकोट में 4 वाटर टैंकर लगाए गए हैं। सुरक्षित पेयजल के लिए 900 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। नुवाकोट के भैरवी, सूर्यमती और पंचकन्या ऑयल स्टोर में 41 हजार लीटर डीजल और 24 हजार लीटर पेट्रोल का भंडार है। 17 हजार लीटर विमान ईंधन नुवाकोट भेजा गया है।
प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन शुरू किया गया है। सड़क, पुल, बिजली, पेयजल, दूरसंचार, जलविद्युत और अन्य संरचनाओं के नुकसान का आकलन करने के लिए सेक्टोरल ग्रुप और 15 तकनीकी टीमें तैनात की गई हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने के लिए स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र सक्रिय किया गया है। 6 अस्पतालों को स्टैंडबाय रखा गया है। वीर अस्पताल, राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर और धुलिखेल अस्पताल सहित विभिन्न संस्थानों से मेडिकल टीमें भेजी गई हैं। आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य सामग्री भेजी गई हैं। कम से कम 5,000 लोगों के लिए टेंट और आपातकालीन स्वास्थ्य सामग्री की व्यवस्था की गई है।
दूरसंचार सेवा बहाली में प्रगति हुई है। प्रभावित 198 टावर/साइट में से 145 चालू हो चुके हैं। नेपाल टेलीकॉम के 120 में से 82 और एनसेल के 78 में से 63 साइट चालू हो गए हैं। बाकी साइटों पर तकनीकी और ऊर्जा संसाधन उपलब्ध कराकर सेवा बहाल करने का काम जारी है।
बिजली सेवा बहाली का काम तेज किया गया है। नुवाकोट के करीब 90 प्रतिशत क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल हो चुकी है। धुंचे में बिजली सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक काम जारी है।
जोखिम वाले परिवारों के लिए सुरक्षित आवास और आवागमन की व्यवस्था आगे बढ़ाई जा रही है। आपातकालीन आश्रय के लिए स्थानों की पहचान और पुनर्वास का काम चल रहा है। सड़क और पुल बाधित होने से कटे बस्तियों तक पहुंच आसान बनाने के लिए रसुवा और नुवाकोट में करीब 10 स्थानों पर तुइन (रस्सी पुल) बनाने का काम आगे बढ़ाया गया है।
राहत, बचाव और पुनर्वास के लिए आर्थिक संसाधन जुटाए जा रहे हैं। बाढ़ और आपदा से प्रभावित 15 स्थानीय निकायों को तत्काल राहत एवं बचाव के लिए कुल 6 करोड़ 75 लाख नेपाली रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप राहत कोष में पिछले करीब 36 घंटों में 1.9 अरब नेपाली रुपये से अधिक जमा हुए हैं। प्रभावित लोगों, परिवारों और व्यवसायों के लिए राहत एवं पुनर्वास पैकेज तैयार किया जा रहा है। प्रभावित व्यक्तियों और व्यावसायिक संस्थानों के लिए बिजनेस रिकवरी पैकेज तैयार करने का काम भी शुरू किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों का एक महीने का वेतन/पारिश्रमिक राहत कोष में जमा करने की व्यवस्था आगे बढ़ाई गई है।
राहत, बचाव और पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को एकीकृत रूप से mobilize किया गया है। सुरक्षा निकायों, स्वास्थ्य संस्थानों, रेडक्रॉस, नेपाल स्काउट, स्वयंसेवी संस्थाओं, निजी क्षेत्र और विकास साझेदारों के साथ समन्वय कर आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
अंत में प्रधानमंत्री शाह ने नेपाली MMA खिलाड़ी रवीन्द्र ढाँट को ‘Road to UFC’ में जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नेपाल में आई आपदा की स्थिति के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जानकारी देने के लिए भी उन्हें धन्यवाद दिया।
प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल प्रभावित नागरिकों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति को समझकर आवश्यक निर्णय लेने और उसी के अनुसार संसाधनों को जुटाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

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