बीजापुर:
जिला बीजापुर में इन दिनों आबकारी विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। स्थानीय कोचिये (अवैध शराब विक्रेता) सरकारी और स्थानीय शराब भट्टियों से भारी मात्रा में शराब लेकर खुलेआम तस्करी कर रहे हैं। ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का आरोप है कि इस पूरे खेल में आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत है, जिसके चलते अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है।बोरियों और बैगों में भरकर ले जाई जा रही शराबस्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शराब भट्टियों से नियम-कानूनों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में शराब बेची जा रही है। कोचिये और बिचौलिए बोरियों (बोरों) और पिठ्ठू बैगों में भरकर धड़ल्ले से शराब ले जा रहे हैं। नियमानुसार किसी भी व्यक्ति को एक सीमित मात्रा से अधिक शराब देना गैरकानूनी है, लेकिन यहां नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
💥💥💥💥💥💥
30 से 50 बोतल से ज्यादा शराब बेचने का आरोपशिकायतकर्ताओं का कहना है कि विभाग के ‘कारनामों’ के चलते एक-एक बार में 30 से 50 बोतल 🍾🍾🍾🍾 या उससे भी अधिक शराब अवैध रूप से बेची जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब बिना विभागीय संरक्षण के मुमकिन नहीं है। मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में आबकारी विभाग के लोग इस अवैध परिवहन पर आंखें मूंदे बैठे हैं।
💥💥💥💥💥💥
💥💥💥💥💥💥
12 गांवों के ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, शिकायत की तैयारीइस अवैध शराब बिक्री और तस्करी से आसपास के ग्रामीण बेहद परेशान हैं। लगभग 12 गांवों के ग्रामीणों और महिलाओं में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है।
💥💥💥💥💥
ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में अवैध शराब पहुंचने से माहौल खराब हो रहा है, लड़ाई-झगड़े बढ़ रहे हैं और युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
ई खबर मीडिया से पुकार बाफना की रिपोर्ट

