सहरसा। बिहार के सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड अंतर्गत रघुनाथपुर गांव के एक ग्रामीण ने अंचल कार्यालय में भूमि अभिलेख से संबंधित गंभीर समस्या को लेकर आवेदन दिया है। ग्रामीण का आरोप है कि उनकी जमीन उनके खतियान में दर्ज होने के बावजूद संबंधित खेसरा संख्या अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, जिसके कारण उन्हें भविष्य में भूमि संबंधी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार रघुनाथपुर वार्ड संख्या 11 निवासी दीपो यादव ने अंचल अधिकारी, सौरबाजार को दिए आवेदन में बताया है कि उनके नाम दर्ज भूमि का खेसरा संख्या 313 उनके खतियान में अंकित है, लेकिन अंचल कार्यालय के अभिलेखों में यह खेसरा दर्ज नहीं दिख रहा है। इस विसंगति के कारण उनकी भूमि का सरकारी रिकॉर्ड अधूरा प्रतीत हो रहा है।
आवेदन में दीपो यादव ने कहा है कि संबंधित भूमि उनके पूर्वजों की है और खतियान में स्पष्ट रूप से दर्ज है। इसके बावजूद अंचल कार्यालय के अभिलेखों में खेसरा संख्या 313 का उल्लेख नहीं होने से उन्हें आशंका है कि भविष्य में जमीन से जुड़े किसी भी कार्य, दाखिल-खारिज, सरकारी योजना अथवा अन्य राजस्व संबंधी मामलों में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
ग्रामीण ने अंचल अधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर खेसरा संख्या 313 को अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड में विधिवत दर्ज कराया जाए, ताकि भूमि अभिलेखों में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे और उन्हें न्याय मिल सके।
इस मामले ने एक बार फिर राजस्व अभिलेखों की शुद्धता और भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर रिकॉर्ड में त्रुटियों, खेसरा और खाता संख्या के अंतर तथा अभिलेखों के अद्यतन न होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं, जिससे आम किसानों और भूमिधारकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
अब देखना होगा कि अंचल प्रशासन इस आवेदन पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और संबंधित भूमि रिकॉर्ड की जांच कर ग्रामीण को राहत दिलाता है या नहीं। फिलहाल दीपो यादव ने प्रशासन से न्याय की उम्मीद जताते हुए अपने आवेदन पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

