नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मेहरौली इलाके में एक कारोबारी ने अपने ऊपर जानलेवा हमला किए जाने, जान से मारने की धमकी देने और चलती गाड़ी पर पत्थर और हथियारों से हमला किया और कार में तोड़फोड़ करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित सनी गुप्ता का आरोप है कि 22 अक्टूबर 2026 को पहले फोन पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और घर-दुकान की ओर नहीं आने की धमकी दी गई। इसके बाद जब वह अपनी बहन के साथ गुरुग्राम से मेहरौली स्थित अपने घर और दुकान की ओर आ रहे थे, तब अंधेरिया मोड़ के पास 15 से 20 लोगों की भीड़ ने उनकी चलती कार को चारों तरफ से घेर लिया। पीड़ित के अनुसार, भीड़ में सलीम उर्फ प्रिंस कुरैशी और सदान भी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने लाठी, लोहे की रॉड और ईंट-पत्थरों से हमला करने की कोशिश की। घटना के बाद से पीड़ित परिवार परेशान है और पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहा है।
मेहरौली मेन मार्केट, वार्ड नंबर 8 निवासी करीब 42 वर्षीय सनी गुप्ता ने 23 अक्टूबर 2026 को मेहरौली थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत के मुताबिक, 22 अक्टूबर को सलीम पुत्र शाकिर उर्फ प्रिंस कुरैशी ने उन्हें फोन करके फाइनेंस संबंधी सुविधा लेने के बारे में बात की थी। सनी गुप्ता का कहना है कि उन्होंने संबंधित व्यक्ति को बताया कि वह उसे यह सुविधा उपलब्ध नहीं करा सकते। आरोप है कि इसी बात पर फोन करने वाला व्यक्ति कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगा और उन्हें धमकियां देने लगा।
शिकायत में सनी गुप्ता ने आरोप लगाया है कि फोन पर उन्हें धमकी दी गई कि वह मेहरौली मेन मार्केट स्थित अपनी दुकान और घर की ओर न आएं, क्योंकि फोन करने वाले को उनके रहने की जगह की जानकारी है। पीड़ित के मुताबिक, इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। उनका कहना है कि फोन पर हुई इस बातचीत के बाद उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर डर सताने लगा था। हालांकि, फोन पर हुई बातचीत और धमकियों के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सनी गुप्ता के अनुसार, इसके बाद वह अपनी बहन के साथ कार में गुरुग्राम से मेहरौली स्थित घर और दुकान के लिए निकले। जब उनकी कार अंधेरिया मोड़, मेहरौली के पास पहुंची तो उन्होंने वहां करीब 15 से 20 लोगों की भीड़ देखी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस भीड़ में सलीम उर्फ प्रिंस कुरैशी और सदान भी मौजूद थे। स्थिति को देखकर सनी गुप्ता को अपनी और अपनी बहन की सुरक्षा का डर लगा। उन्होंने तत्काल अपनी बहन से कार को यू-टर्न लेकर दूसरी दिशा में ले जाने के लिए कहा, ताकि किसी संभावित हमले से बचा जा सके।
पीड़ित ने शिकायत में बताया कि जैसे ही भीड़ में मौजूद लोगों ने उन्हें पहचान लिया, कुछ लोग कथित तौर पर चिल्लाने लगे और उन्हें मारने के लिए दौड़ पड़े। आरोप है कि कई लोग हाथों में डंडे, लोहे की रॉड और ईंटें लेकर उनकी कार की तरफ बढ़े तथा वाहन को चारों ओर से घेर लिया। सनी गुप्ता का कहना है कि मौके पर एक पुलिसकर्मी मौजूद था, जिसके कारण उन्हें वहां से निकलने का अवसर मिला। इसके बाद वह अपनी कार लेकर नजदीकी पुलिस बूथ, आम बाग शमशी तालाब की ओर जाने लगे।
शिकायत के मुताबिक, पुलिस बूथ की ओर जाते समय भीड़ में शामिल लोगों ने कथित तौर पर उनका पीछा किया। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उनकी कार पर पत्थर और लोहे की रॉड फेंकी गईं, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा। सनी गुप्ता के अनुसार, वह किसी तरह पुलिस बूथ तक पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई। उनका आरोप है कि कार से बाहर निकलते ही भीड़ में शामिल लोगों ने उन पर हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की। पीड़ित ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि हमला गंभीर था और उन्हें जान से मारने की नीयत से पीटा गया। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के दौरान पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे।
सनी गुप्ता ने अपनी शिकायत में सलीम पुत्र शाकिर उर्फ प्रिंस कुरैशी, सदान और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 117, 117(4), 129 और 324 सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उनके साथ हुई घटना केवल धमकी तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्हें घेरकर हमला करने और उनकी कार को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश भी की गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती तो उनके और उनकी बहन के साथ कोई गंभीर घटना हो सकती थी।
पीड़ित परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद वे बेहद परेशान हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। परिवार चाहता है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल शिकायत पर कार्रवाई करे, घटनास्थल पर मौजूद लोगों की पहचान की जाए और कथित हमले में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाए। पीड़ित ने यह भी मांग की है कि घटनास्थल पर पुलिसकर्मी की मौजूदगी, कार को हुए नुकसान और मारपीट से संबंधित उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराई जाए, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
सनी गुप्ता ने मेहरौली थाना पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें सीसीटीवी कैमरे की जांच की जाए और उन्हें तथा उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। परिवार के अनुसार, उन्हें समय रहते न्याय और उचित सहायता मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। पीड़ित ने आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल उपलब्ध शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज होने, गिरफ्तारी या पुलिस जांच की आधिकारिक स्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी है। आरोपित पक्ष का बयान भी सामने नहीं आया है। मामले में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों का पक्ष जानना आवश्यक है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक राहत मिलती है।

