बक्सर, बिहार। बिहार के बक्सर जिले में 26 वर्षीय गोल्डी सिंह ने अभय राय और उसके परिवार के सदस्यों पर शादी का भरोसा देकर करीब तीन साल तक संबंध बनाए रखने, गर्भावस्था के दौरान दवा देकर गर्भपात कराने, दहेज में 10 लाख रुपये मांगने, मारपीट करने और धमकियां देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि शुरुआत में अभय ने शादी करने का भरोसा दिया था और दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। आरोप है कि जब गोल्डी ने उसे अपने घर ले जाने और शादी के रिश्ते को स्वीकार करने की बात कही तो विवाद शुरू हो गया। गोल्डी का दावा है कि इसके बाद उसे प्रताड़ित किया गया और अब उसके परिवार के लोग भी कथित तौर पर फोन करके गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता ने महिला थाना और संबंधित पुलिस अधिकारियों से शिकायत पर कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।
गोल्डी सिंह, पिता स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह और माता बसंती देवी, बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के पुरवां गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में अभय राय, पिता जयप्रकाश राय, का नाम दर्ज कराया है। गोल्डी के मुताबिक, अभय मूल रूप से राजापुर, थाना सिमरी, जिला बक्सर का निवासी है और ब्रह्मपुर में ओझा पेट्रोल पंप के पीछे किराये के मकान में परिवार के साथ रहता रहा है। पीड़िता का कहना है कि करीब तीन साल पहले दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे संबंध बढ़े और अभय ने उनसे शादी करने का भरोसा दिलाया। गोल्डी का दावा है कि उनके परिवार के लोगों को भी इस रिश्ते की जानकारी थी और एक समय दोनों के बीच सब कुछ सामान्य चल रहा था।
पीड़िता के अनुसार, अभय ने उनसे कहा था कि वह हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करेगा और उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार करेगा। गोल्डी का आरोप है कि इसी भरोसे पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। उन्होंने यह भी दावा किया कि अभय ने उनकी मांग में सिंदूर भरा था, जिससे उन्हें विश्वास हुआ कि वह इस रिश्ते को विवाह के रूप में स्वीकार कर चुका है। हालांकि, विवाह की वास्तविक स्थिति और इस संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गोल्डी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि संबंध के दौरान वह गर्भवती हो गई थीं और गर्भावस्था करीब सात से आठ महीने तक पहुंच गई थी। उनका दावा है कि अभय ने उस समय बच्चा नहीं चाहिए कहकर दवा के माध्यम से गर्भपात कराने के लिए दबाव बनाया। पीड़िता के अनुसार, वह अभय के भरोसे में आ गईं और गर्भपात करा लिया। यह आरोप अत्यंत गंभीर है। गर्भावस्था की अवधि, गर्भपात की परिस्थितियों और इसमें किसी की भूमिका की पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेजों तथा जांच से ही हो सकेगी।
पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने अपनी मां के साथ अभय के घर जाकर उसे विवाह के वादे के अनुसार अपने साथ रखने की बात कही तो विवाद बढ़ गया। गोल्डी के आरोप के मुताबिक, अभय की मां अनीता देवी, उसकी बहनें गीता राय, पूजा राय और ज्योति राय तथा अभय ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके गले की चेन छीन ली गई और अभय के पिता ने उनके कान की करीब एक भर की बाली छीन ली। गोल्डी का दावा है कि परिवार के लोगों ने जाति का हवाला देते हुए कहा कि बिना दहेज के शादी नहीं होगी और उनसे 10 लाख रुपये की मांग की गई।
गोल्डी ने यह भी आरोप लगाया है कि विरोध करने पर अभय ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, उन्हें घसीटकर जमीन पर पटक दिया और मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़िता के मुताबिक, जिस व्यक्ति ने पहले विवाह का भरोसा दिलाया था, वही बाद में संबंध से इनकार करने लगा। उनका कहना है कि इस घटनाक्रम ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया है और अब वह अपने अधिकारों के लिए पुलिस से न्याय की मांग कर रही हैं। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही हो सकेगी।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में अभय के दोस्त शंभु यादव का भी उल्लेख किया है। गोल्डी का आरोप है कि शंभु यादव, जिनके पिता का नाम वीरेंद्र यादव बताया गया है, उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं। उनका दावा है कि अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन करके गाली-गलौज और धमकियां दी जाती हैं। गोल्डी ने अभय के बड़े भाई गणपत राय पर भी अलग-अलग नंबरों से फोन करके कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और धमकाने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि इन घटनाओं के कारण वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और उन्हें डर है कि कहीं उनके साथ कोई अप्रिय घटना न हो जाए।
गोल्डी सिंह के अनुसार, उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर पुलिस के समक्ष आवेदन दिया है, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़िता चाहती हैं कि उनके साथ कथित रूप से हुए शारीरिक शोषण, गर्भपात कराने के दबाव, दहेज की मांग, मारपीट और धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिकायत में नामित लोगों की भूमिका की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले में विवाह का भरोसा देकर संबंध बनाने, गर्भपात कराने के कथित दबाव और दहेज मांगने जैसे आरोप शामिल हैं। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता के बयान, उपलब्ध संदेश और कॉल रिकॉर्ड, चिकित्सकीय दस्तावेज, गवाहों की जानकारी तथा अन्य साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। किसी भी पक्ष की कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण जांच और लागू कानूनों के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
फिलहाल, यह खबर गोल्डी सिंह की ओर से उपलब्ध कराई गई शिकायत और उनके बयानों पर आधारित है। आरोपित अभय राय तथा उसके परिवार के सदस्यों का पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस में आवेदन दिए जाने और उस पर कार्रवाई की वर्तमान स्थिति की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। अब पीड़िता की मांग है कि संबंधित पुलिस अधिकारी मामले को गंभीरता से लें, निष्पक्ष जांच कराएं और यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाएं।

