पूर्वी चंपारण की महिला ने न्यू अशोक नगर थाना प्रभारी को दिया आवेदन, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और लंबे समय से प्रताड़ित करने का लगाया आरोप; पुलिस जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
न्यू अशोक नगर। पूर्वी चंपारण की रहने वाली एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने, सामान बेचने, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने और जान से मारने की कोशिश करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। महिला ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में पूरे मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
महिला के अनुसार उसका निकाह वर्ष 2010 में रामजान के महीने में जियाउल अंसारी निवासी करसहिया, पूर्वी चंपारण, बिहार के साथ हुआ था। उसका आरोप है कि निकाह के समय मायके वालों ने करीब एक लाख रुपये नकद, मोटरसाइकिल और घरेलू जरूरत का सामान दिया था। ससुराल पहुंचने के बाद उसकी सास जुवेदा खातून और ननदों नसीमा, सकीमा, सबनम और गुलनाज ने मायके से आए सामान को खराब बताते हुए कथित रूप से तोड़ दिया। महिला का कहना है कि उसे जमीन पर सुलाया जाता था और खाना भी ठीक से नहीं दिया जाता था।
महिला ने बताया कि करीब एक महीने बाद मायके वाले उसे लेने पहुंचे तो वह वापस मायके आ गई। कुछ समय बाद जब वह दोबारा ससुराल गई तो कथित तौर पर उसकी मोटरसाइकिल और बचा हुआ सामान बेच दिया गया था। महिला ने जेवर और कपड़े भी गायब होने का आरोप लगाया। इसके कुछ दिन बाद उसका पति काम करने के लिए मुंबई चला गया। आरोप है कि इसके बाद सास और ननदों ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया।
महिला ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग उस पर देवर अमानुल्ला के साथ अनुचित संबंध बनाने का दबाव डालते थे। महिला के मुताबिक विरोध करने पर उससे घर का पूरा काम कराया जाता, मारपीट की जाती और रात में अलग कमरे में सुलाया जाता था। महिला का आरोप है कि उसे कई बार शाम का खाना तक नहीं दिया गया।
महिला के अनुसार चार महीने बाद पति वापस आया और कुछ समय बाद उसे मायके छोड़कर चला गया। बाद में सास उसे वापस ससुराल ले गई और करीब एक महीने तक ठीक से रखने के बाद कथित तौर पर दोबारा प्रताड़ित करने लगी। महिला का आरोप है कि उस दौरान उसे किसी व्यक्ति के साथ भेजने की बात कही गई और इसके लिए नए कपड़े भी दिए गए। उसे शक हुआ तो उसने कपड़े पहनने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और खाना नहीं दिया गया।
महिला ने दावा किया कि उसे बाद में जानकारी मिली कि ससुराल वाले उसे कथित तौर पर बेचने की योजना बना रहे थे। इसके बाद वह अपनी छोटी बच्ची को लेकर किसी तरह घर से निकल गई और गांव में अपनी मौसी के घर पहुंची। उसने मौसी से आग्रह किया कि ससुराल वालों को उसके वहां होने की जानकारी न दी जाए। इसके बाद वह मायके चली गई।
महिला का आरोप है कि उसके ससुराल वालों ने उसके मायके पक्ष के लोगों के खिलाफ भी झूठा मुकदमा दर्ज कराया। शिकायत के मुताबिक मौसी, मौसा, उनके तीन बेटों, महिला की मां, पिता और भाई समेत अन्य लोगों पर घर से सामान, चांदी, दाल, गेहूं, बक्सा और 50 हजार रुपये ले जाने का आरोप लगाया गया। महिला का कहना है कि बाद में पति के लौटने पर 50 हजार रुपये लेकर समझौता किया गया और वह पति के साथ रहने लगी।
इसके बाद दोनों गुजरात चले गए। महिला के मुताबिक वहां भी पति शराब पीकर घर आता और बच्चों के साथ गुस्से में मारपीट करता था। महिला के विरोध करने पर उसके साथ भी मारपीट की जाती थी। कुछ समय बाद पति की मां भी गुजरात पहुंच गई और महिला का आरोप है कि दोनों मिलकर उसे परेशान करने लगे।
महिला ने बताया कि गुजरात से बिहार लौटते समय ट्रेन में भी उसके साथ मारपीट की गई। उसके अनुसार पति और सास ने उसे पीटा और ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने किसी तरह उसे बचाया। गांव पहुंचने के बाद कथित तौर पर पति ने उसे खंभे से बांधकर लोहे के औजार और बांस के डंडे से पीटा। इसके दो दिन बाद महिला और उसकी दो बेटियों को मायके पहुंचा दिया गया।
महिला का कहना है कि इसके बाद वह लोगों के घरों में काम करके अपनी और बेटियों की जरूरतें पूरी करने लगी। इसी दौरान उसके पति के साथ उसके दो बेटों का जन्म हुआ। बच्चों के बड़े होने के बाद महिला ने पति से कहा कि वह मायके में दूसरों के घर काम करने के बजाय उसके साथ जाकर काम करना चाहती है। इसके बाद पति उसे और चारों बच्चों को दिल्ली ले आया।
महिला के मुताबिक दिल्ली में पति सिलाई का काम करता था, जबकि वह लोगों के घरों में सफाई का काम करती थी। उसका आरोप है कि उसकी कमाई भी पति अपनी मां के पास जमा कराता था और घर का खर्च उसकी कमाई से चलता था। महिला का कहना है कि पैसे खत्म होने पर पति उसे और बच्चों को पीटता था। एक घटना में कथित तौर पर बच्चे के सिर पर पत्थर लगने से खून निकल आया और हालत बिगड़ गई। इसके बाद महिला बच्चों को लेकर पति से अलग होकर अपनी मां के पास चली गई।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में गांव के लोगों से उसे पता चला कि पति ने गांव में उसके खिलाफ यह बात फैलाई कि वह पांच लाख रुपये लेकर किसी व्यक्ति के साथ भाग गई है। महिला का कहना है कि इसके बाद उसके माता पिता और मायके पक्ष के लोगों के खिलाफ भी एक और मुकदमा दर्ज कराया गया। आरोप है कि उसके पिता को डेढ़ लाख रुपये देने और बदले में जमीन की मांग करने की बात भी मुकदमे में कही गई है। महिला के अनुसार यह मामला बिहार और दिल्ली से संबंधित न्यायिक प्रक्रिया में चल रहा है।
महिला ने शिकायत में यह भी बताया कि उसे लोगों के माध्यम से जानकारी मिली है कि उसका पति फिलहाल मुंबई की एक फैक्ट्री में काम कर रहा है और करीब 25 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता है।
महिला ने थाना प्रभारी से पूरे मामले की जांच कराने, पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उसे और उसके बच्चों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। महिला द्वारा लगाए गए

