श्रेणी 6.2 की जमीन पर कब्जे का आरोप, शिकायत के बाद भी न्यायालय के आदेश का इंतजार

Date:

सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के कम्हारी गांव निवासी श्यामसुन्दर पुत्र मकसूदन ने जमीन पर कब्जे के आरोप को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके परिवार की भूमि से सटी श्रेणी 6.2 की जमीन पर दूसरे पक्ष ने कब्जा कर लिया है। शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच कराई गई, लेकिन संबंधित भूमि श्रेणी 6.2 की दर्ज होने के कारण उसे खाली कराने के लिए सक्षम न्यायालय के आदेश को जरूरी बताया गया है।

जिलाधिकारी सोनभद्र को दिए प्रार्थना पत्र में श्यामसुन्दर ने बताया कि उनके पिता ने अपनी संक्रमणीय भूमि का विक्रय किया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक खरीदार को बेची गई जमीन के बगल में श्रेणी 6.2 की भूमि स्थित है। उनका दावा है कि उक्त जमीन पर पहले उनका कब्जा था, लेकिन बाद में दूसरे पक्ष ने वहां कब्जा कर लिया।

शिकायत मिलने के बाद राजस्व अधिकारियों की ओर से मौके की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित पक्ष को मौके पर कई बार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन जमीन खाली करने के लिए वह तैयार नहीं हुआ। राजस्व अभिलेखों की जांच में भूमि श्रेणी 6.2 में दर्ज पाई गई। रिपोर्ट में इसे आबादी खाते की भूमि बताया गया है।

प्रशासन ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि ऐसी भूमि को खाली कराने के लिए सक्षम न्यायालय का आदेश आवश्यक होगा। शिकायतकर्ता को सक्षम न्यायालय में पैरवी कर उचित राहत प्राप्त करने की सलाह दी गई है। इसके बाद उप जिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज की ओर से निस्तारण आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी गई।

गाटा संख्या 360 को लेकर भी सामने आया विवाद

इसी प्रकरण से जुड़ी एक अन्य शिकायत और जांच रिपोर्ट में श्यामसुन्दर ने गाटा संख्या 360 की भूमि पर भी कब्जे का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने इन्द्रावती पत्नी स्वर्गीय हीरालाल, संतोष पुत्र हीरालाल, कन्हैया पुत्र हीरालाल, पिंटू पुत्र हीरालाल, छोटू पुत्र हीरालाल, राजवीर विश्वकर्मा पुत्र हीरालाल, हर्षित पुत्र संतोष और शिवम पुत्र संतोष समेत अन्य लोगों पर जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है।

दूरभाष के माध्यम से हुई बातचीत में शिकायतकर्ता ने बताया कि मामला रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र से संबंधित है। वहीं, जांच रिपोर्ट में राजस्व अभिलेखों का हवाला देते हुए बताया गया कि गाटा संख्या 360 का कुल रकबा 0.2900 हेक्टेयर है और अभिलेख में उक्त भूमि चकमार्ग के नाम से दर्ज बताई गई है। रिपोर्ट में शिकायतकर्ता को तहसील स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई के लिए अवगत कराने की बात कही गई है।

शिकायत के बाद भी नहीं मिला कब्जे से छुटकारा

प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार मामले की जांच शिकायत संदर्भ संख्या 20020026002897 के तहत की गई थी। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति का परीक्षण किया गया। हालांकि, श्रेणी 6.2 की भूमि के मामले में प्रशासन ने न्यायालय के आदेश को आवश्यक बताया है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि वह लंबे समय से जमीन को लेकर अपना हक बताते हुए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। प्रशासनिक जांच के बाद अब उनकी निगाहें सक्षम न्यायालय की कार्रवाई पर टिकी हैं। श्यामसुन्दर को उम्मीद है कि न्यायालय में मामले की सुनवाई के बाद जमीन को लेकर चल रहे विवाद का समाधान हो सकेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

कृति सेनन के रक्षाबंधन लुक पर मचा बवाल, विवाद बढ़ते ही कंपनी ने विज्ञापन हटाया

ब्रांड 'जीवा' ने रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सेनन के...

इस्लामाबाद के अस्पताल में आग से मचा हाहाकार, 15 नवजातों की मौत, एसी का कंप्रेसर फटने से हुआ हादसा

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के गायनेकोलॉजी वार्ड...

SC ने कल दिया था आदेश, TMC के बागियों को अब ओम बिरला ने भेजा नोटिस, सात दिनों में मांगा जवाब

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने दलबदल विरोधी कानून के...