मंदिर में शादी, गर्भवती होने के बाद पति से कराया अलग! महिला का आरोप- ससुर ने बेटे को कहीं भेज दिया, 10 दिन से नहीं हो रही बात

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खगड़िया/पंजाब/मुंबई। बिहार के खगड़िया जिले की रहने वाली एक महिला ने शादी का भरोसा देकर साथ रखने और बाद में उससे संपर्क तोड़ देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि युवक ने मंदिर में विवाह किया, उसे पत्नी के रूप में अपने साथ रखा, मुंबई ले गया और परिवार के सामने बहू के रूप में भी स्वीकार किया। महिला का कहना है कि वह वर्तमान में करीब साढ़े तीन महीने की गर्भवती है, लेकिन अब उसके पति से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। पीड़िता ने युवक के परिवार पर उसे पति से अलग करने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़िता सचिता देवी ने बताया कि वह बिहार के खगड़िया जिले की रहने वाली हैं। उनके पहले पति से दो बच्चे अंजलि और अंकुश हैं। उनका आरोप है कि पहला पति शराब का आदी था और लगातार प्रताड़ित करता था, जिसके कारण उन्होंने उससे अलग होकर अपने बच्चों का पालन-पोषण स्वयं करना शुरू कर दिया। पिछले दो से तीन वर्षों से वह पंजाब में दिहाड़ी मजदूरी और राजमिस्त्री के कार्यस्थलों पर मेहनत कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।

सचिता देवी के अनुसार, पंजाब में जिस निर्माण कार्य पर वह मजदूरी करती थीं, वहां ठेकेदार घनश्याम के पुत्र मणि कुमार राय से उनकी मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और करीब डेढ़ वर्ष तक दोनों के बीच संबंध रहे। महिला का आरोप है कि मणि कुमार राय ने उनसे शादी करने, जीवनभर साथ निभाने और उनके दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उठाने का वादा किया। इन्हीं आश्वासनों पर भरोसा कर उन्होंने उसके साथ नया जीवन शुरू करने का फैसला किया।

पीड़िता का कहना है कि मणि कुमार राय ने पंजाब के एक कृष्ण मंदिर में उनसे विवाह किया। इसके बाद वह उन्हें मुंबई लेकर गया, जहां दोनों कुछ महीनों तक साथ रहे। इसी दौरान वह गर्भवती हो गईं और वर्तमान में लगभग साढ़े तीन माह की गर्भवती होने का दावा कर रही हैं।

महिला का आरोप है कि मुंबई से लौटने के बाद मणि कुमार राय उन्हें अपने घर लेकर गया और करीब दस दिनों तक परिवार की बहू के रूप में अपने घर में रखा। बाद में कथित रूप से मणि कुमार राय के पिता घनश्याम ने बेटे से कहा कि वह पत्नी और परिवार के साथ पास में किराये का कमरा लेकर रहे। इसके बाद दोनों पंजाब में किराये के कमरे में रहने लगे।

सचिता देवी का आरोप है कि कुछ दिन बाद घनश्याम अपने बेटे मणि कुमार राय को अपने साथ कहीं ले गए। तब से करीब दस दिनों से उनकी अपने पति से कोई बातचीत नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि न तो उन्हें यह बताया जा रहा है कि मणि कुमार राय कहां हैं और न ही उनसे संपर्क कराया जा रहा है। इससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि उनसे चालाकी से बयान बदलवाया गया और उन्हें भरोसे में लेकर बाद में अकेला छोड़ दिया गया। गर्भवती होने के कारण वह आर्थिक, मानसिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मणि कुमार राय का पता लगाया जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि उनके साथ छल या धोखाधड़ी हुई है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल इस मामले में आरोपी पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। समाचार में प्रकाशित आरोप पीड़िता के कथनों पर आधारित हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

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