नाली विवाद में चार महीने से भटक रही गरीब महिला, कई शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत, पुलिस-प्रशासन पर अनदेखी के आरोप

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बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कैथवलिया से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। गांव की रहने वाली इन्द्रावती देवी ने आरोप लगाया है कि सरकारी नाली का पानी जबरन रोक दिए जाने के कारण उनका परिवार पिछले चार महीने से भारी परेशानियों का सामना कर रहा है। पीड़िता का कहना है कि कई बार थाना, पुलिस अधीक्षक, उपमहानिरीक्षक, मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल सहित विभिन्न अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होने से पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़िता इन्द्रावती देवी पत्नी बब्लू के अनुसार उनके घर से सटी सरकारी नाली से आसपास के कई घरों का पानी सार्वजनिक तालाब तक जाता है। आरोप है कि गांव के कुछ पट्टीदारों ने आपसी रंजिश के चलते नाली को बंद कर दिया, जिससे उनके घर का पानी निकलना पूरी तरह बंद हो गया। शिकायत में उन्होंने मिश्री लाल, जयश्री, लहुरी, सुरेन्द्र और हरिराम सहित अन्य लोगों पर दबंगई करते हुए नाली का रास्ता रोकने तथा विरोध करने पर झगड़े पर उतारू होने का आरोप लगाया है।

इन्द्रावती देवी का कहना है कि उनका परिवार बेहद गरीब है और उनके पति दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते हैं। नाली बंद होने के कारण घर के आसपास जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे परिवार का सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। उनका आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि लगातार तनाव और पारिवारिक परेशानियों के बीच उनकी जेठानी की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार मानसिक रूप से भी काफी परेशान है। उनका कहना है कि समस्या का समाधान न होने से परिवार भय और तनाव के माहौल में जीवन व्यतीत करने को मजबूर है।

शिकायत के अनुसार इन्द्रावती देवी ने कई बार थाना लालगंज में लिखित शिकायत दी, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान के प्रभाव के कारण पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक बस्ती, उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र गोरखपुर तथा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई।

प्रार्थना पत्र में उल्लेख है कि 30 अप्रैल 2025 को जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी और दोनों पक्षों को महादेवा पुलिस चौकी बुलाया गया। पीड़िता का आरोप है कि वह चौकी पहुंचीं, लेकिन विपक्षी पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। बाद में आश्वासन दिया गया कि ग्राम प्रधान के माध्यम से नाली खुलवा दी जाएगी, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

पीड़िता ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सरकारी नाली को तत्काल खुलवाने, दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो विवाद और गंभीर रूप ले सकता है।

हालांकि, इस पूरे मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका है। वहीं स्थानीय पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की सत्यता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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